DehradunExclusivePolitics

डोईवाला में NSUI ने पूरा पैनल लिया वापस,ABVP निर्विरोध 3 पदों पर निर्वाचित

“यूके तेज़” न्यूज़ ग्रुप से जुड़ने के लिये व्हाट्सएप्प मैसेज करें

रजनीश सैनी 80770-62107

देहरादून : डोईवाला के एसडीएम डिग्री कॉलेज में छात्र संघ चुनाव में आज NSUI ने कल नामांकन के बाद आज अध्यक्ष सहित अपना पूरा चुनाव पैनल वापस ले लिया है।

अब केवल 3 पदों पर ही चुनाव होना है।

NSUI ने पुरे चुनाव का बहिष्कार किया है।

आप विडियो देखियेगा :—–

क्या कहा मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने :—- 

डिग्री कॉलेज के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नर्वदेश्वर शुक्ला ने “यूके तेज़” को बताया कि

नाम वापसी के बाद अध्यक्ष पद पर अभिषेक पुरी,सहसचिव पर शिवम् कोहली और कोषाध्यक्ष पद पर अम्बिका चौहान

निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये गए हैं।

अब केवल उपाध्यक्ष,महासचिव और विश्व विद्यालय प्रतिनिधि पद पर ही चुनाव होने बाकी हैं।

जिससे अध्यक्ष पद पर ABVP के अभिषेक पुरी,सहसचिव पर शिवम् कोहली और कोषाध्यक्ष पर अम्बिका चौहान निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो गयी है।

क्या है सारा मामला :——

प्राप्त जानकारी के अनुसार NSUI के अध्यक्ष प्रत्याशी रोहन ने जो अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट लगाया है

वो डोईवाला तहसील के रिकॉर्ड में उपलब्ध नही है।

जबकि रोहन का कहना है कि यह सर्टिफिकेट उसने डोईवाला तहसील के नजदीक स्थित

एक कॉमन सर्विस सेंटर पर अपने सभी सही दस्तावेज जमा करके बनाया है।

क्या कहा ABVP ने ?

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उमेद सिंह नेगी ने कहा कि,”ABVP लिंगदोह समिति के नियमों का पूर्णतया पालन करते हुए चुनाव लड़ रही है।

हम एक गैर राजनैतिक संगठन हैं इसलिए किसी भी प्रकार के राजनैतिक प्रेशर की बात पूरी तरह गलत है।

दूसरे छात्र संगठन अपनी कमियों का ठीकरा इसके-उसके सिर फोड़ने का काम कर रहे हैं।

हम सभी निर्विरोध निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हैं।

NSUI के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहित उनियाल ने “यूके तेज़” को बताया कि

कॉलेज प्रशासन ने कहा कि हमारे अध्यक्ष प्रत्याशी रोहन का अनुसूचित जाति (SC) का सर्टिफिकेट फर्जी है,जबकि रोहन ,जाटव एससी छात्र है।

हमें ये दिखायी दे रहा है कि पूरा प्रशासन,तहसीलदार,एसडीएम मुख्यमंत्री के प्रेशर में हैं।

ये डोईवाला नगर पालिका चुनाव में हार का बदला ले रहे हैं।

छात्र संघ चुनाव में एक मुख्यमंत्री को कूदना पड़ रहा है।

जो सरकार अपने आप को किसान,मजदूर और दलित की सरकार कहती है

वो एक दलित छात्र को कॉलेज का अध्यक्ष नही बनते देखना चाहती है। 

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!