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टिहरी विस्थापित तीसरे विस्थापन को आशंकित,एयरपोर्ट निदेशक बोले सरकारी भूमि पर रहेगा जोर

(रजनीश सैनी/संजय राठौर)

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देहरादून : बरसों पहले पुरानी टिहरी से विस्थापित होकर देहरादून के जॉलीग्रांट में बसे निवासी एक बार फिर देहरादून एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की जद में आने के कारण विस्थापन की आशंकाओं से घिरे हैं।

हालांकि एयरपोर्ट निदेशक ने उनकी आशंकाओं को कुछ हद तक निर्मूल बताया है।

जॉलीग्रांट निवासी भाजपा नेता दिनेश सजवाण ने कहा कि,”हम तीसरी बार भी विस्थापन के लिए तैयार हैं

लेकिन सरकार को भी चाहिये कि वो हनुमंत राव समिति की रिपोर्ट के अनुसार ही इसे लागू करे।

स्थानीय निवासी राजेंद्र सिंह सजवाण ने कहा कि,”देश की तरक्की के लिए हम तीसरी बार भी विस्थापन का दंश झेलने को तैयार हैं।

हम सरकार के कार्य में बाधा नही बनेंगें।

लेकिन सरकार को भी चाहिए कि वो योग्यता के अनुसार विस्थापितों के युवाओं को रोजगार और जमीन का सही दाम दे।

जॉलीग्रांट निवासी रविंद्र सिंह सजवाण का कहना है कि हम सरकार का साथ दे रहे हैं

लेकिन सरकार को भी ये सोचना चाहिए कि जो अन्याय हमारे साथ पहले हुआ है वो इस बार न हो।

उन्होंने चेताने के अंदाज़ में कहा सरकार यह बात आँख-कान खोलकर सुन ले।

देहरादून एयरपोर्ट डायरेक्टर डी.के. गौतम ने कहा कि,”विस्थापन को लेकर फैलायी जा रही भ्रांतियां ठीक नही हैं।

एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए हमारे द्वारा सरकार को 245 एकड़ भूमि यानि लगभग 101 हेक्टेयर का प्रस्ताव भेजा गया है।

जिसमें से प्राइवेट लैंड 14-15 हेक्टेयर मात्र है।

हमारा प्रयास है कि वन भूमि या सरकारी भूमि पर ही विस्तारीकरण किया जाये और प्राइवेट लैंड को कम से कम ही लिया जाये।

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