डोईवाला के उप शिक्षा अधिकारी 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Doiwala Deputy Education Officer Arrested Red-Handed While Accepting ₹1 Lakh Bribe
Doiwala Deputy Education Officer arrested red handed
देहरादून,1 अप्रैल 2026 : उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति आज उस समय धरातल पर गरजती नजर आई,
जब विजिलेंस की टीम ने देहरादून जनपद के डोईवाला में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
शिक्षा विभाग के भीतर जड़ें जमाए भ्रष्टाचार के सिंडिकेट को ध्वस्त करते हुए विजिलेंस ने उप शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह बिष्ट और उनकी सहयोगी को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
रंगे हाथों पकड़े गए ‘साहब’ और उनकी मददगार
सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने जाल बिछाकर प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला—धनवीर सिंह बिष्ट को उस वक्त दबोचा जब वे रिश्वत की पहली किश्त वसूल रहे थे।
गिरफ्तारी केवल अधिकारी तक सीमित नहीं रही; मामले की सह-अभियुक्ता पुष्पांजलि (निवासी डालनवाला) को भी मौके से गिरफ्तार किया गया है,
जो इस काले खेल में बिचौलिए की भूमिका निभा रही थी।
गरीब बच्चों के हक पर डाली जा रही थी डकैती
मामला शिक्षा के अधिकार (Right To Education) से जुड़ा है, जो सीधे तौर पर समाज के सबसे कमजोर तबके के बच्चों के भविष्य से ताल्लुक रखता है।
जानकारी के मुताबिक, गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल, ऋषिकेश में RTE के तहत पढ़ रहे छात्रों की फीस प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के बिल लंबे समय से अटके हुए थे।
इन बिलों के भुगतान को हरी झंडी दिखाने के बदले में शिक्षा अधिकारी ने ₹1,00,000 की मांग की थी।
सिस्टम को साफ करने का कड़ा संदेश
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस कार्रवाई के जरिए यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त कोई भी अधिकारी, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।
सचिवालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक, ‘पर्दे के पीछे’ चलने वाले भ्रष्टाचार पर विजिलेंस की यह कार्रवाई एक बड़े ‘क्लीन-अप’ अभियान की शुरुआत मानी जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि सरकार गरीबों और छात्रों के हक पर डकैती डालने वालों के खिलाफ किसी भी दबाव या संरक्षण के बिना सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।





