उत्तराखंड के पहले दुर्लभ ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ डोनर अमन राणा सम्मानित,हिम्स जॉलीग्रांट के किया कार्यक्रम
Aman Rana, Uttarakhand's first rare 'Bombay blood group' donor, honored; event organized by HIMS Jollygrant.
Aman Rana, Uttarakhand’s first rare ‘Bombay blood group’ donor, honored; event organized by HIMS Jollygrant.
देहरादून,15 जून 2026 : विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में Himalayan Institute of Medical Sciences (HIMS),Jollygrant में एक भव्य रक्तदान जागरूकता कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसके जीवनरक्षक महत्व को समझाना और अत्यंत दुर्लभ रक्त समूह वाले रक्तदाताओं को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाना था।
कार्यक्रम का सफल आयोजन हिम्स के इम्यूनोहीमेटोलॉजी (Immunohaemotology) एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग (Blood Transfusion Department) की ओर से किया गया।
रक्तदान किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने जैसा पुनीत कार्य: डॉ. ए. शरीफ़
समारोह का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि और हिम्स के डीन डॉ. ए. शरीफ़ द्वारा किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने रक्तदान की महत्ता पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
“रक्तदान एक ऐसा पुनीत और महादान है, जो किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवनदान प्रदान कर सकता है।
समाज में नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान से ही अस्पतालों में रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है।
युवाओं और आम जनता को अधिक से अधिक संख्या में इस मानवीय कार्य के लिए आगे आना चाहिए।”
लगा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर, 21 यूनिट रक्त हुआ एकत्रित
जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ परिसर में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया।
शिविर में डॉक्टरों, कर्मचारियों और छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके फलस्वरूप 21 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।
यह रक्त आपातकालीन स्थितियों में मरीजों के जीवन की रक्षा करने में मददगार साबित होगा।
उत्तराखंड के पहले ‘बॉम्बे ब्लड ग्रुप’ डोनर अमन राणा को मिला विशेष सम्मान
इस कार्यक्रम का सबसे मुख्य और भावुक क्षण वह था,
जब विश्व के अत्यंत दुर्लभ ’’बॉम्बे ब्लड ग्रुप’’ के रक्तदाता अमन राणा को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इम्यूनोहीमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दुष्यंत गौर ने इस दुर्लभ ब्लड ग्रुप के बारे में बेहद महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक जानकारी साझा करते हुए बताया:
“बॉम्बे ब्लड ग्रुप बेहद रेयर है।
यह पूरी दुनिया में लगभग 10 लाख लोगों में से किसी एक व्यक्ति में, जबकि भारत में लगभग 10 हजार लोगों में से किसी एक में पाया जाता है।
अमन राणा उत्तराखंड के पहले ऐसे रिपोर्टेड बॉम्बे ब्लड ग्रुप डोनर हैं, जिनकी पहचान वर्ष 2022 में हिम्स जौलीग्रांट में ही हुई थी।
ऐसे रक्तदाताओं का समाज में होना किसी वरदान से कम नहीं है।”
सहयोगी संगठन और प्रतियोगिता के विजेता हुए पुरस्कृत
रक्तदान की अलख जगाने वाले विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों को भी उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, युवाओं में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित की गई प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए:
पोस्टर प्रतियोगिता: सुहानी पयाल ने प्रथम तथा डॉ. लक्षिता नंदा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
स्लोगन (नारा) प्रतियोगिता: अक्षिता ने प्रथम और पलक शाक्य ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
इस गरिमामयी अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. दुष्यंत गौर, डॉ. यशस्वी धीमान, डॉ. सागरिका अग्रवाल, आदित्यवीर सहरावत और सुधीर जोशी सहित विभाग के कई वरिष्ठ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, कर्मचारी और मेडिकल छात्र मुख्य रूप से उपस्थित रहे।









