मौसम विभाग द्वारा सोमवार एवं मंगलवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी
The Meteorological Department has issued an Orange Alert for Monday and Tuesday as well.
देहरादून,3 मई 2026 : देवभूमि उत्तराखंड में बदले मौसम के मिजाज और मौसम विभाग द्वारा जारी ‘ऑरेंज अलर्ट’ Orange Alert के बीच शासन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
रविवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में आई भीषण आंधी-तूफान और बारिश के बाद, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, विनोद कुमार सुमन ने आज सभी जनपदों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में आपदा की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी स्थिति में जान-माल का नुकसान न्यूनतम रखने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
अगले 48 घंटे भारी: 7 जिलों में विशेष चेतावनी
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि मौसम विभाग ने सोमवार (4 मई) और मंगलवार (5 मई) के लिए भी भारी अलर्ट जारी किया है।
04 मई: देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चम्पावत में ओलावृष्टि और तेज बारिश का अंदेशा है।
05 मई: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मौसम खराब रहने की संभावना है।
प्रशासन के मुताबिक, इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं
और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा है।
सचिव ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिले का ‘इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर’ (DEOC) सक्रिय रहे
और पल-पल की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाए।
चारधाम यात्रा और हेली सेवाओं पर सख्त गाइडलाइंस
वर्तमान में जारी चारधाम यात्रा को देखते हुए शासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा है।
श्री सुमन ने विशेष रूप से निर्देशित किया है कि हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन पूरी तरह से मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि मौसम प्रतिकूल है,
तो किसी भी सूरत में जोखिम न लिया जाए और उड़ानों को तुरंत स्थगित कर दिया जाए।
बाधित सड़कें खोलने के लिए ‘प्रायोरिटी’ पर काम
बैठक में यह बात सामने आई कि तेज आंधी और बारिश के कारण कुछ जिलों में संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं।
सचिव ने लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों को सख्त हिदायत दी है कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाए ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कत न हो।
आम जनता से अपील: अनावश्यक यात्रा से बचें
शासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की चेतावनी को गंभीरता से लें। प्रशासन ने कहा है कि:
“अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों और कच्चे ढलानों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।”
आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह ‘एक्टिव मोड’ पर रखा गया है
ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बिना देरी के शुरू किए जा सकें।





