
देहरादून,29 जुलाई 2026 : जिले को एचआईवी/एड्स से पूरी तरह मुक्त बनाने के संकल्प के साथ जिला प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार की व्यवस्था को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने का बड़ा निर्णय लिया है।
बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में District Magistrate,Dehradun Dr Ashish Chuauhan की अध्यक्षता में ‘मिशन एड्स सुरक्षा’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
हाई-रिस्क इलाकों की होगी GIS Mapping
बैठक के दौरान District Magistrate,Dehradun Dr Ashish Chuauhan ने निर्देश दिए कि जनपद के उच्च जोखिम वाले (हाई-रिस्क) क्षेत्रों की पहचान कर उनकी जीआईएस (GIS) मैपिंग कराई जाए, ताकि जरूरतमंदों तक सीधे मदद पहुँचाई जा सके।
उन्होंने सेक्स वर्कर्स, ट्रांसजेंडर समुदाय, इंजेक्टिंग ड्रग यूजर्स, वाहन चालकों और माइग्रेंट आबादी जैसे संवेदनशील वर्गों के बीच जागरूकता, काउंसलिंग और अर्ली टेस्टिंग (प्रारंभिक जांच) पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए।
समयबद्ध जांच और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा, “एचआईवी/एड्स से बचाव के लिए समय पर जांच, सटीक परामर्श और हर जरूरतमंद तक स्वास्थ्य सेवाओं की सहज पहुंच अत्यंत आवश्यक है।”
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि:
सैंपलिंग और टेस्टिंग की गति में तेजी लाई जाए।
संक्रमित व्यक्तियों को तत्काल एआरटी (ART) केंद्रों के माध्यम से उपचार से जोड़ा जाए।
आवश्यकतानुसार कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, नियमित फॉलोअप और विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध जांच व काउंसलिंग सुनिश्चित की जाए।
सामाजिक भ्रांतियां मिटाने के लिए पुलिस और शिक्षा विभाग भी जुड़ेंगे
एचआईवी से जुड़े सामाजिक डर और झिझक को दूर करने के लिए तथ्यपरक एवं संवेदनशील जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया गया।
अभियान की पहुंच बढ़ाने के लिए आगामी बैठकों में पुलिस, शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीते वर्ष 85 हजार से अधिक जांचें, 583 पाए गए पॉजिटिव
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक में आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में जिले के विभिन्न अस्पतालों एवं केंद्रों में कुल 85,065 लोगों की एचआईवी जांच की गई।
इनमें से 583 व्यक्ति एचआईवी पॉजिटिव पाए गए, जिन्हें बिना किसी देरी के एआरटी केंद्रों के माध्यम से आवश्यक परामर्श और मुफ्त उपचार सेवाओं से जोड़ दिया गया है।
dsf
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.के. शर्मा, डीटीओ डॉ. मनोज कुमार वर्मा, डॉ. सुनीता हाडा, नोडल एआरटी डॉ. के.सी. पंत सहित स्वास्थ्य विभाग, एआरटी, आईसीडीसी और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








