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लंदन में हुआ डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की किताबों का लोकार्पण

देहरादून ( रजनीश प्रताप सिंह तेज ) : लंदन में देश और दुनिया के लेखकों प्रोत्साहन करने हेतु वातायन-यूके द्वारा आयोजित “भारोपीय हिंदी महोत्सव-लंदन” समारोह का पूर्व शिक्षा मंत्री भारत सरकार पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड वर्तमान में हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर शुभारंभ किया।

डॉ निशंक ने इस अवसर पर लेखन के माध्यम से साहित्य जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए

वरिष्ठ साहित्यकार संतोष चौबे को वातायन अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान,

प्रो. अनामिका को उनकी कविताओं के माध्यम से साहित्य जगत में उल्लेखनीय योगदान के लिए “वातायन अंतर्राष्ट्रीय साहित्य सम्मान”

और  शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रो. रेखा सेठी  एवं प्रो. हाइंस वरनर वेल्सर को “वातायन अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा सम्मान”

से सम्मानित कर बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

भारोपीय हिंदी महोत्सव-लंदन अभियान के द्वारा वातायन-यूके आकांक्षी लेखकों को प्रोत्साहित कर उन्हें लेखन के गुर सीखकर नयी उंचाईया प्रदान करेगा। यह  अभियान युवाओं  के अंदर लिखने की प्रतिभा को पहचान कर उन्हें बेहतर लेखन के लिए प्रोत्साहित कर उन्हें पुस्तक प्रकाशन में सहायता प्रदान करेगा।

लिखने पढ़ने और विश्लेषण करने की क्षमता विकास को समर्पित यह अभियान लेखकों में संवेदनशीलता को उजागर कर उन्हें बेहतर नागरिक बनाने को कोशिश करेगा। लिखने की ताक़त, पुस्तकों का प्रभाव और सृजन क्षमता की महत्ता को समर्पित यह टाइम्ज़ समूह की पहल का पूरे देश में अनुकरण होगा।

उस अवसर पर प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित ‘शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण ‘नई शिक्षा नीति -2020′” एवं  ऑक्सफोर्ड बुक कंपनी द्वारा प्रकाशित “MAKING NATION THROUGH EDUCATION NATIONAL EDUCATION POLICY 2020” डॉ निशंक की नवीनतम पुस्तकों का वरिष्ठ गणमान्य विद्वतजनों द्वारा लोकार्पण किया गया

ज्ञातव्य है डॉ. निशंक ने 112 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं और अपनी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए उन्हें पंद्रह से अधिक देश सम्मानित कर चुके हैं।

डॉ. निशंक के साहित्य पर तीस से अधिक शोध हो चुके हैं या हो रहें हैं।

डॉ निशंक ने कहा इस अवसर पर कहा कि हमारे लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है कि  विश्व के सौ करोड़ लोगो से ज्यादा द्वारा हिंदी भाषा को समृद्ध साहित्य के साथ-साथ व्यापक क्षेत्र में  संप्रेषण  माध्यम के रूप में प्रयुक्त किया जाता है

। डॉ निशंक ने कहा कि हिंदी भारत की आत्मा है।

उन्होंने कहा कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्वामी विवेकानंद जी जी की नई तालीम के माध्यम से बच्चों में एक नई वैचारिक क्रांति जगाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। विश्व स्तर पर विकास और उत्कृष्टता के उच्चतर स्तर तक पहुंचने के वातायन-यूके के प्रयासों की सराहना करते हुए डॉ निशंक नए प्रयासों हेतु शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर मंत्री(समन्वय),भारत के उच्चायुक्त, लंदन दीपक चौधरी, ब्रिटिश संसद के सदस्य वीरेंद्र शर्मा, Hounslow के महापौर अफजाल कियानी, अनिल जोशी, Hounslow की उप महापौर पार्षद हरलीन अटवाल हियर, विख्यात साहित्यकार तेजेंद्र शर्म, इंदिरा गांधी संस्कृति कला केंद्र के प्रमुख सच्चिदानंद जोशी, वाणी प्रकाशन समूह के प्रबंध निदेशक और वाणी फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण माहेश्वरी, वातायन-यूके की संस्थापक और भारत-यूरोपीय हिंदी महोत्सव की आयोजक दिव्या माथुर एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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