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“एग्रो-टूरिज्म” को लेकर डोईवाला में उपभोक्ताओं ने लिया “फर्स्ट हैंड एक्सपीरियंस”

Agro-Tourism in Doiwala
Organic Farming in Uttarakhand उत्तराखंड में आर्गेनिक फार्मिंग को लेकर जैविक कृषकों ने निजी पहल करते हुये उपभोक्ताओं को आमंत्रित किया जिन्होंने मौके पर अपनी आँखों से धरातल पर जैविक खेती को नजदीक से देखा.
देहरादून जनपद के अग्रणी आर्गेनिक फार्मर सतीश पाल द्वारा डोईवाला के खैरी रोड,मार्खम ग्रांट प्रथम में एग्रो टूरिज्म का आयोजन किया गया.
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रजनीश प्रताप सिंह तेज

देहरादून : “एग्रो टूरिज्म” पर पहुंचे उपभोक्ताओं ने लिया जायजा

जैविक कृषक सतीश पाल द्वारा डोईवाला के खैरी रोड स्थित फार्म पर “हिमालयन आर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स” के नाम से जैविक खेती की जा रही है.

जहां जुटे उपभोक्ताओं ने अपनी आँखों से बिना केमिकल के “जैविक गुड़” और “जैविक शक्कर” को बनाये जाने की पूरी प्रक्रिया को देखा,जाना और समझा.

इसके साथ ही आर्गेनिक तरीके से उगायी जा रही मौसमी फल-सब्जियों जैसे गोभी,गाजर,टमाटर,हरी मिर्च,पपीता,हरा धनिया,पालक,मेथी,सरसों,गन्ना,हल्दी,पीली मिर्च,लाल मिर्च इत्यादि के साथ ही खास तौर पर उगायी जा रही “काली गाजर” को भी देखा.

ये रहे खास मेहमान

पीपीएस अधिकारी व डिप्टी कमांडेंट आईआरबी- प्रकाश चंद
डिप्टी कमिश्नर,नगर निगम देहरादून -रोहिताश शर्मा

कैंपस डायरेक्टर,उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्वविद्यालय-प्रोफेसर (डॉ) आर बी सती
बिजनेसमैन-नितिन बत्रा

शिक्षक,राजकीय इंटर कॉलेज,बुल्लावाला -अजय राजपूत
बिजनेसमैन-विजय सैनी

लजीज आर्गेनिक व्यंजनों ने दिलाया गजब का स्वाद

एग्रो टूरिज्म के तहत पहुंचे मेहमानों को सतीश पाल द्वारा आर्गेनिक व्यंजन परोसे गये जिन्होंने स्वाद की एक अलग ही दुनिया की अनुभूति करायी.

गाय के दूध के पनीर से बनी ग्रेवी वाली डिश,

आलू मेथी की सुखी सब्जी,

मल्टीग्रेन आटे की तवे पर सिकी रोटियां,

छुंका हुआ चटखारेदार पल्लर,

राजमा,राइस और

मीठे में ड्राई फ्रूट वाली गन्ने के रस से बनी हुई खीर

“उत्तम खेती,मध्यम बान.. —ललित बड़ाकोटि

प्रोग्रेसिव फार्मर ललित बड़ाकोटि ने कहा कि

“उत्तम खेती,मध्यम बान,निकृष्ट चाकरी,भीख निधान”

भारतवर्ष में खेती को सर्वोत्तम माना गया है उपभोक्ताओं को कृषि से जोड़ने के लिए ही “एग्रो टूरिज्म” के कॉन्सेप्ट को लाया गया है.

इसका प्रमुख उद्देश्य “फार्मर-टू-यूजर” के बीच गैप को कम करते हुये एक सेतू के रूप में कार्य करना है.

“फैमिली डॉक्टर” की तरह हो “फैमिली किसान” : अजय राजपूत

बतौर उपभोक्ता शामिल हुये शिक्षक अजय राजपूत ने कहा कि जैविक उत्पादों की हाट प्रत्येक सप्ताह देहरादून के सर्वे चौक पर लगती है जहां हम सभी लोग आर्गेनिक उत्पाद क्रय करते हैं.

वास्तव में इन्हें किस प्रकार उत्पादित किया जा रहा है इसे देखने आज यहां एग्रो टूरिज्म के तहत पहुंचे हैं.

हर घर में फैमिली डॉक्टर की तर्ज पर एक फैमिली किसान होना चाहिये.

“थैली” को ही गाय समझेगी आने वाली पीढ़ी : दीपक उपाध्याय

देहरादून जनपद के प्राकृतिक कृषि के सूत्रधार और प्राकृतिक कृषि विकास के अध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि किसानों द्वारा उपभोक्ताओं को सीधे किसान के खेत से जोड़ने का यह अभिनव प्रयास है.

इस कड़ी का यह दूसरा आयोजन है.

जिन लोगों की पीढ़ियों के बच्चों ने कभी खेत की मिट्टी में पैर नही रखा और वो पैकेट का दूध पीते आ रहे हैं उनकी आने वाली पीढ़ियां तो “थैली” को ही गाय समझने लगेंगी.

जैविक हो जरूर तो दवा से रहें दूर : जसवीर सिंह

प्रगतिशील जैविक कृषक सरदार जसवीर सिंह ने कहा कि यदि हम अपने जीवन में जितना खर्च दवाओं पर करते हैं उसका आधा भी “आर्गेनिक उत्पादों” पर करें तो हमें दवाओं की जरुरत नही होगी.

 

ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित

एग्रो टूरिज्म के कार्यक्रम में सतीश पाल,अशोक पाल,अभिषेक पाल,पीपीएस अधिकारी व डिप्टी कमांडेंट आईआरबी- प्रकाश चंद,डिप्टी कमिश्नर,नगर निगम देहरादून -रोहिताश शर्मा,कैंपस डायरेक्टर,उत्तराखण्ड आयुर्वेद,विश्वविद्यालय-प्रोफेसर (डॉ) आर बी सती,बिजनेसमैन-नितिन बत्रा,शिक्षक,राजकीय इंटर कॉलेज-अजय राजपूत,बिजनेसमैन-विजय सैनी,कविता पाल,ललित बडकोटि,सरदार जसवीर सिंह,करमजीत सैनी,दीपक उपाध्याय,सरदार इंद्रजीत सिंह,राजेंद्र सोलंकी,प्रशांत,मनीष बिष्ट,नरेंद्र आदि जैविक कृषक और उपभोक्ता उपस्थित रहे.

 

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