उत्तराखंड कैबिनेट के 17 महत्वपूर्ण निर्णय
17 Important Decisions of the Uttarakhand Cabinet
देहरादून,30 अप्रैल,2026 : आज सूबे के Chief Minister Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक आयोजित
Cabinet Meeting में प्रदेश के विकास और व्यवस्था परिवर्तन को लेकर 17 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।
सरकार ने इस बैठक में शिक्षा, रोजगार, कानून व्यवस्था और कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर बड़े नीतिगत बदलाव किए हैं।
ये हैं उत्तराखंड कैबिनेट द्वारा लिए 17 महत्वपूर्ण निणर्य
1. परिवहन विभाग में ‘खाकी’ का नया स्वरूप: कैबिनेट ने उत्तराखंड मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी है।
अब परिवहन विभाग के प्रवर्तन चालकों की वर्दी भी पुलिस विभाग के चालकों के समान निर्धारित की गई है।
2. कुंभ 2027: बजट खर्च की शक्ति का विकेंद्रीकरण: हरिद्वार कुंभ के निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 1 करोड़ तक के कार्यों की स्वीकृति मेलाधिकारी और 5 करोड़ तक के कार्यों की स्वीकृति आयुक्त गढ़वाल मंडल दे सकेंगे।
05 करोड़ से अधिक के कार्यों में पूर्व की भांति शासन से स्वीकृति प्राप्त की जायेगी।
इससे फाइलों के चक्कर कम होंगे।
3. विधिक सेवा में एसिड अटैक विक्टिम शामिल: राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 में संशोधन किया गया है।
अब एसिड अटैक पीड़ितों को मुफ्त विधिक सहायता दी जाएगी।
साथ ही, जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों को प्राधिकरण में पदेन सदस्य बनाया गया है।
4. खनन रॉयल्टी में बढ़ोतरी: राजस्व बढ़ाने के लिए उत्तराखंड उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन कर रॉयल्टी की दर ₹7 से बढ़ाकर ₹8 प्रति क्विंटल कर दी गई है।
5. आबकारी नीति और वैट: वाणिज्य कर विभाग ने आबकारी नीति के अनुरूप अपनी नियमावली में 6 प्रतिशत वैट की दरों के संशोधन को मंजूरी दे दी है।
6. 250 नई बसों की खरीद: सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा 250 नई बसें खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है।
7. जीएसटी कटौती का लाभ: पूर्व में स्वीकृत 100 बसों के बजट में अब 109 बसें खरीदी जाएंगी।
जीएसटी दर 28% से घटकर 18% होने के कारण सरकार ने यह अतिरिक्त लाभ विभाग को दिया है।
8. वन दरोगा भर्ती: अब ग्रेजुएशन अनिवार्य: वन विभाग की नियमावली 2016 में बड़ा बदलाव किया गया है।
वन दरोगा के लिए शैक्षिक योग्यता अब इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक (Graduate) कर दी गई है।
आयु सीमा 21-35 वर्ष और वन आरक्षी हेतु 18-25 वर्ष निर्धारित की गई है।
9. मदरसा शिक्षा में बड़ा सुधार: अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 में संशोधन हेतु अध्यादेश को मंजूरी दी गई है।
अब कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को जिला स्तरीय समिति से मान्यता मिल सकेगी,
जबकि 9वीं से 12वीं तक के लिए रामनगर बोर्ड की संबद्धता अनिवार्य होगी।
10. प्रतीक्षा सूची (Waitlist) हेतु SOP: भर्ती प्रक्रियाओं में स्पष्टता के लिए कैबिनेट ने निर्देश दिए हैं कि जिन विभागों में एक वर्ष के भीतर प्रतीक्षा सूची प्राप्त हो गई है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए और इसके लिए एक स्थायी SOP बनाई जाए।
11. विशेष शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार माध्यमिक स्तर के विशेष शिक्षा शिक्षकों (Special Educators) की शैक्षिक अर्हताएं तय करते हुए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है।
12. संस्कृत शिक्षा नियमावली 2026: संस्कृत शिक्षा के लिए पृथक नियमावली के अभाव में रुके हुए प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और शिक्षकों के प्रमोशन अब इस नई नियमावली के लागू होने से संभव हो सकेंगे।
13. दिव्यांग श्रेणी के पदों का सृजन: लोक निर्माण विभाग (PWD) में 2023 की भर्ती के दौरान दिव्यांग श्रेणी के रिक्त रहे 07 पदों को पुनर्जीवित करने और उनके बैकलॉग को भरने हेतु पदों के सृजन की अनुमति दी गई है।
14. पेंशन स्थगन पर चर्चा: वर्कचार्ज कर्मियों को पेंशन देने से संबंधित शासनादेश पर उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए स्थगन आदेश को कैबिनेट के संज्ञान में लाया गया, जिस पर आगामी कानूनी रणनीति तय की जाएगी।
15. ‘डी’ श्रेणी ठेकेदारों की सीमा बढ़ी: छोटे ठेकेदारों को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली के तहत ‘डी’ श्रेणी के ठेकेदारों हेतु निविदा की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दी गई है।
16. अशासकीय कॉलेजों में शोध प्रोत्साहन: ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना’ अब राज्य के 21 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भी लागू होगी, जिससे उच्च शिक्षा में शोध को बढ़ावा मिलेगा।
17. मौन पालन नीति: मानव-हाथी संघर्ष का समाधान: वन क्षेत्रों की सीमाओं पर मधुमक्खी पालन (मौन पालन) को बढ़ावा दिया जाएगा।
यह नीति स्वरोजगार बढ़ाने के साथ-साथ हाथियों को वन सीमा से बाहर आने से रोकने में मददगार साबित होगी।






