डोईवाला पुलिस ने निभाया धर्म,लक्ष्मण सिद्ध मंदिर में मिले अज्ञात व्यक्ति के शव का कराया दाह-संस्कार
Doiwala police fulfilled their moral duty by arranging the cremation of an unidentified man's body found at the Lakshman Siddh Temple.

देहरादून,9 सितम्बर 2026 : डोईवाला पुलिस ने एक बार फिर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है।
पुलिस टीम ने एक लावारिस व्यक्ति के शव का पूरे हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया है।
मृतक का कोई परिजन सामने न आने पर पुलिस ने स्वयं आगे बढ़कर यह धर्म निभाया है।
अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी मौत
गत 22 जुलाई 2026 को लगभग 55 वर्षीय बीमार व्यक्ति प्यारेलाल लक्ष्मण सिद्ध मंदिर में मिला था।
वह अपना नाम बताने के अलावा अपने घर या परिजनों के बारे में कुछ नहीं बता पा रहा था।
गंभीर बीमारी के कारण पुलिस ने उसे 108 एंबुलेंस से कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया था।
इलाज के दौरान 4 सितंबर 2026 को अस्पताल से उक्त व्यक्ति की मृत्यु का डेथ मेमो प्राप्त हुआ।
पहचान न होने पर पुलिस ने कराया अंतिम संस्कार
परिजनों का पता न चलने पर शव को 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखा गया था।
शिनाख्त के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और सभी सार्थक प्रयास किए गए।
निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी जब कोई परिजन नहीं आया, तब पुलिस ने पंचायतनामा भरा।
इसके बाद 8 सितंबर 2026 को डोईवाला पुलिस टीम ने लक्खीबाग श्मशान घाट पर हिंदू विधि-विधान से दाह-संस्कार संपन्न कराया।
भविष्य की पहचान के लिए मृतक का डीएनए सैंपल सुरक्षित रख लिया गया है।
इस मानवीय कार्य को संपन्न कराने में कांस्टेबल सुपर दास और होमगार्ड चंद्र लाल की सराहनीय भूमिका रही।









