डोईवाला में शहीद मेजर दुर्गा मल्ल की 82वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, पैदल मार्च निकाला
Tributes paid to Martyr Major Durga Malla on his 82nd death anniversary in Doiwala; a foot march was also held.

देहरादून, 25 अगस्त 2026 : आजादी के अमर सपूत और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के पहले गोरखा शहीद, मेजर दुर्गा मल्ल की 82वीं पुण्यतिथि एवं बलिदान दिवस के अवसर पर डोईवाला में भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
हेल्प क्रॉस ट्रस्ट एवं वीर गोरखा कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत नगर पालिका परिषद डोईवाला परिसर में स्थित शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई।
इसके बाद एक विशाल पैदल मार्च नगर पालिका परिषद से अमर शहीद मेजर दुर्गा मल्ल चौक तक निकाला गया।
चौक पर पहुंचकर लोगों ने पुनः उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
पूरे कार्यक्रम के दौरान शहीद के प्रति गहरी श्रद्धा का माहौल रहा।
गौरवमयी जीवन और अदम्य साहस की कहानी
हेल्प क्रॉस ट्रस्ट के संस्थापक सचिव विशाल थापा ने शहीद मेजर दुर्गा मल्ल के जीवन पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 1913 को डोईवाला में जन्मे दुर्गा मल्ल ने 1931 में 2/1 गोरखा राइफल्स में भर्ती होकर सेवा शुरू की।
1942 में उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अगुवाई में गठित आजाद हिंद फौज (INA) में शामिल होकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।
उनकी कुशलता, नेतृत्व क्षमता और समर्पण ने उन्हें INA में मेजर के पद तक पहुंचाया।
27 मार्च 1944 को कोहिमा के पास एक खुफिया मिशन के दौरान अंग्रेजों ने उन्हें बंदी बना लिया।
ब्रिटिश अधिकारियों ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई।
इससे पहले उन्हें तोड़ने के लिए उनकी पत्नी शारदा देवी को उनके सामने लाया गया।
मेजर मल्ल अपने कर्तव्य और देशभक्ति से डिगे नहीं।
अपनी पत्नी को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “शारदा, मैं अपनी मातृभूमि की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे रहा हूँ।
तुम चिंता मत करना, मेरे बाद करोड़ों हिंदुस्तानी तुम्हारे साथ हैं।
मेरा बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, भारत जरूर आजाद होगा।”
ये उनके अंतिम शब्द थे।
25 अगस्त 1944 को मात्र 31 वर्ष की आयु में उन्हें दिल्ली की जेल में फांसी पर लटका दिया गया।
गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
ऋषिकेश के विधायक प्रेमचंद अग्रवाल कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
गोरखा कल्याण परिषद उत्तराखंड के उपाध्यक्ष अभिषेक शाही भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री के समन्वयक हरीश कोठारी ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी।
नगर पालिका परिषद डोईवाला के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को ऐसे बलिदानों की कहानियों से अवगत कराना हम सबका कर्तव्य है।
ब्लॉक प्रमुख डोईवाला गौरव चौधरी, राजेन्द्र ताडियाल, विनय सावन, पंडित शालिग्राम शास्त्री समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
देश के प्रति गोरखा समुदाय का समर्पण
वीर गोरखा कल्याण समिति के अध्यक्ष कमल थापा ने कहा कि 25 अगस्त का दिन पूरे देश में बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि 2004 में संसद भवन परिसर में प्रधानमंत्री द्वारा उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया था।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी और सुरक्षा के लिए गोरखा समुदाय का योगदान अतुलनीय है।
इस अवसर पर टेक बहादुर राना, पूर्व सैनिक एवं अर्धसैनिक संगठनों के प्रतिनिधियों समेत सैकड़ों लोगों ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि देकर उनके अदम्य साहस को नमन किया।





