‘एक मदद ब्लड ग्रुप समिति’ के सदस्य ने 10 दिन के मासूम को दिया नया जीवन
Aslam Khan, a member of the 'Ek Madad Blood Group Samiti', gave a new lease of life to a 10-day-old infant.

देहरादून : मानवता की सेवा के लिए समर्पित ‘एक मदद ब्लड ग्रुप समिति’ डोईवाला के सक्रिय रक्तदाता असलम खान ने अपने जन्मदिन के अवसर पर समाज के सामने प्रेरणादायक मिसाल पेश की है
उन्होंने एक नवजात मासूम की जान बचाने के लिए अपना 56वां एसडीपी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) दान किया.
30 हजार रह गई थी प्लेटलेट्स
हिमालयन हॉस्पिटल जौलीग्रांट में भर्ती हरिद्वार निवासी तंजीम के मात्र 10 दिन के मासूम बच्चे की प्लेटलेट्स काउंट अचानक गिरकर 30 हजार के करीब पहुंच गई थी.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल ‘ए पॉजिटिव’ एसडीपी की मांग की.
सूचना मिलते ही ब्लड बैंक और परिजनों ने ‘एक मदद ब्लड ग्रुप समिति’ के अध्यक्ष साकिर हुसैन से संपर्क साधा.
25 किमी का सफर तय कर अस्पताल पहुंचे असलम
मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए साकिर हुसैन ने तुरंत असलम खान से संपर्क किया
असलम ने बिना कोई देर किए अपने सारे निजी काम छोड़े और 25 किलोमीटर का सफर तय कर हिमालयन हॉस्पिटल पहुंचे
मेडिकल जांच में फिट पाए जाने के बाद उन्होंने करीब तीन घंटे ब्लड बैंक में रहकर निस्वार्थ भाव से एसडीपी डोनेट किया,
जिससे नवजात को समय पर नया जीवन मिल सका.
जुड़वां बच्चों का था जन्मदिन, सेवा को दी प्राथमिकता
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात यह रही कि जिस दिन असलम ने यह महादान किया, उसी दिन उनके जुड़वां बच्चों का भी जन्मदिन था.
अपने परिवार के साथ खुशियां मनाने के बजाय असलम खान ने एक अनजान मासूम की सांसों को बचाना पहली प्राथमिकता समझा और अस्पताल पहुंचकर मानवता का फर्ज निभाया.
समिति ने जताया आभार
समिति के अध्यक्ष साकिर हुसैन ने असलम खान के इस जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित रक्तदाता ही समाज की असली पूंजी हैं
उन्होंने असलम के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की
इस दौरान रक्तदाता का उत्साहवर्धन करने के लिए समिति के मुख्य सचिव आसिफ हसन और कोषाध्यक्ष शादाब हसन भी ब्लड बैंक में मौजूद रहे.







