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कांवड़ मेला 2026: ड्रोन, CCTV और साइबर कमांडो के अभेद्य पहरे में रहेगी यात्रा

Kanwar Mela 2026: The pilgrimage will be under an impenetrable security cover of drones, CCTV, and cyber commandos.

देहरादून,15 जून 2026 : आगामी श्रावण कांवड़ मेला-2026 को पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

पुलिस महानिदेशक (Director General of Police) उत्तराखंड, Deepam Seth की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में गढ़वाल मंडल के सभी संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों और SDRF के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि कांवड़ मेला एक विशाल और संवेदनशील धार्मिक आयोजन है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखना उत्तराखंड पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम और तकनीक का पहरा

चौबीसों घंटे निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र, घाटों और कांवड़ मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए 24×7 निगरानी की जाएगी।

विशेष सुरक्षा दल: एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (Anti Terrorist Squad), बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad), एसटीएफ (Special Task Force) और स्थानीय अभिसूचना इकाइयां प्रमुख स्थलों पर मुस्तैद रहेंगी।

जल सुरक्षा: गंगा घाटों पर डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए SDRF और पेशेवर गोताखोर तैनात रहेंगे।

साइबर सुरक्षा: सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए विशेष साइबर कमांडोज की टीम हरिद्वार में कैंप करेगी और इंटरनेट स्पेस पर नजर रखेगी।

यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए मास्टर प्लान

डीजीपी ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं:

ट्रैफिक प्लान: राष्ट्रीय राजमार्गों, पार्किंग स्थलों और डायवर्जन के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया गया है।

इसका प्रचार उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और अन्य पड़ोसी राज्यों में भी किया जाएगा।

जोनल विभाजन: कांवड़ मेला क्षेत्र और रेलवे स्टेशनों को सुपर जोन, जोन और सेक्टरों में बांटा गया है ताकि ट्रेनों और प्लेटफॉर्म्स पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

मानकों का पालन: ट्रेन की छतों पर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।

कांवड़ के आकार और डीजे/लाउडस्पीकर की आवाज को सुप्रीम कोर्ट के नियमों (मानक डेसीबल) के दायरे में ही रखना होगा।

अंतरराज्यीय समन्वय और पुलिस का मनोबल

बैठक में डीजीपी ने पुलिस कर्मियों को पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ लगातार खुफिया इनपुट साझा करने और समन्वय बैठकें करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि मेले के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के रहने, खाने और विश्राम की बेहतर व्यवस्था की जाए ताकि उनका मनोबल बना रहे

साथ ही, श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों पर त्वरित व सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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