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7 दिन के मासूम के लिए 55वीं बार ‘महादान’; 25 किमी दूर पहुंचकर बचाई जान

7 दिन के मासूम के लिए 55वीं बार 'महादान'; 25 किमी दूर पहुंचकर बचाई जान

डोईवाला,13 जुलाई 2026 : मानवता की मिसाल पेश करते हुए ‘एक मदद ब्लड ग्रुप समिति, डोईवाला’ के सक्रिय सदस्य असलम खान ने निस्वार्थ रक्तदान कर 7 दिन के एक प्री-मैच्योर नवजात शिशु की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

असलम खान ने 25 किलोमीटर दूर से हिमालयन हॉस्पिटल, जौलीग्रांट पहुंचकर अपना 55वां एसडीपी (Single Donor Platelets) दान किया।

प्लेटलेट्स गिरने से बनी थी गंभीर स्थिति

खटीमा निवासी ‘बेबी ऑफ मिनिता’ (उम्र 7 दिन) हिमालयन हॉस्पिटल, जौलीग्रांट में भर्ती है। बच्चे की प्लेटलेट्स काउंट घटकर महज 13 हजार रह गई थी, जिसके चलते उसे तत्काल A पॉजिटिव एसडीपी की आवश्यकता थी। नवजात की गंभीर हालत से परिजन बेहद चिंतित थे।

सूचना मिलते ही 25 किमी दूर से पहुंचे असलम खान

हिमालयन ब्लड बैंक और परिजनों ने मामले की जानकारी एक मदद ब्लड ग्रुप समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष साकिर हुसैन को दी। सूचना मिलते ही उन्होंने समिति के सक्रिय रक्तदाता असलम खान से संपर्क किया।

असलम खान ने बिना देर किए अपने सभी जरूरी कार्य छोड़ दिए और निजी वाहन से करीब 25 किलोमीटर की दूरी तय कर अस्पताल पहुंच गए।

3 घंटे तक चली प्रक्रिया, किया 55वां एसडीपी दान

मेडिकल जांच में उपयुक्त डोनर पाए जाने के बाद असलम खान ने करीब 3 घंटे तक ब्लड बैंक में रहकर निस्वार्थ भाव से एसडीपी (Single Donor Platelets) दान किया।

इससे पहले भी वे कई बार रक्तदान और एसडीपी दान कर जरूरतमंद मरीजों की जान बचा चुके हैं। किसी अनजान मासूम बच्चे के लिए किया गया यह उनका 55वां एसडीपी दान रहा।

समिति ने जताया आभार

इस अवसर पर समिति के मुख्य सचिव आसिफ हसन भी ब्लड बैंक में मौजूद रहे और रक्तदाता का उत्साहवर्धन किया।

समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष साकिर हुसैन ने असलम खान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि असलम खान आगे भी इसी तरह रक्तदान कर समाज के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

उन्होंने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की।

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