स्मार्ट मीटर और गन्ना भुगतान को लेकर भड़की किसान सभा,किया डोईवाला तहसील पर प्रदर्शन
Farmers' Sabha Outraged Over Smart Meters and Sugarcane Payments; Stages Protest at Doiwala Tehsil
देहरादून,26 मई 2026 : विद्युत उपभोक्ताओं की मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों के विरोध और गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर आज अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के बैनर तले किसानों और विभिन्न राजनीतिक दलों ने तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
आंदोलनकारियों ने सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उप जिलाधिकारी (SDM) के माध्यम से सूबे के मुख्यमंत्री और गन्ना मंत्री को ज्ञापन भेजा।
“डिजिटल मीटर सही, तो स्मार्ट मीटर का दबाव क्यों ?” — दलजीत सिंह
तहसील परिसर में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष दलजीत सिंह ने सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए।
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में स्मार्ट मीटरों का भारी विरोध हो रहा है।
इसके बावजूद उत्तराखंड सरकार कॉर्पोरेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बिजली उपभोक्ताओं पर जबरन इसे थोप रही है, जिसे किसान सभा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।”
उन्होंने तर्क दिया कि जब पहले से लगे डिजिटल मीटर सही रीडिंग दे रहे हैं और जनता समय पर बिल चुका रही है,
तो नए मीटर लगाकर पूंजीपतियों की जेबें भरने की क्या जरूरत है ?
यह सीधे तौर पर जनता को लूटने की साजिश है।
जबरन मीटर लगाए तो उखाड़ फेंकेंगे: कांग्रेस जिलाध्यक्ष
प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल ने सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, “यदि विभाग ने डोईवाला क्षेत्र में जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाने की कोशिश की, तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर उन्हें उखाड़ फेंकेगी।”
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक ‘ऊर्जा प्रदेश’ है, इसके बावजूद सरकार राज्य के लोगों को सस्ती बिजली देने में नाकाम रही है।
सरकार सोलर ऊर्जा जैसी योजनाओं के नाम पर भी सिर्फ बड़े कॉर्पोरेट घरानों को खुश करने में जुटी है।
पेराई सत्र खत्म हुए 3 महीने बीते, गन्ने का भुगतान ठप
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ताजेंद्र सिंह (ताज) और माकपा (CPI-M) के प्रदेश सचिव राजेंद्र पुरोहित ने किसानों की दुर्दशा का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि गन्ने का पेराई सत्र खत्म हुए तीन महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन मिलों और सरकार ने अभी तक किसानों का पूरा भुगतान नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ आसमान छूती महंगाई है, बच्चों की पढ़ाई का खर्च है, तो दूसरी तरफ अगली गन्ने की फसल के लिए खाद, दवाई और निराई-गुड़ाई का भारी खर्च सामने खड़ा है।
इसके साथ ही धान की बुवाई का सीजन भी शुरू हो रहा है।
ऐसे में भुगतान न होने से अन्नदाता के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
नेताओं ने कृषि विभाग द्वारा खाद की खरीद पर लगाई गई लिमिट (सीमा) को भी तुरंत हटाने की मांग की ताकि किसान जरूरत के मुताबिक उर्वरक ले सकें।
प्रदर्शन में ये रहे मुख्य रूप से शामिल
इस दौरान किसान सभा के मंडल अध्यक्ष बलवीर सिंह, मंडल सचिव याकूब अली, मंडल उपाध्यक्ष जाहिद अंजुम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता करतार सिंह नेगी ने भी जनसभा को संबोधित किया।
आंदोलन में मुख्य रूप से अनूप कुमार पाल, सरजीत सिंह, मोहम्मद असलम, प्रेम सिंह पाल, जसवीर सिंह, राशिद अली, बलबीर सिंह उर्फ बिंदा, करनैल सिंह, रिजवान अली, शुभम कंबोज, प्रदीप कुमार, गुरचरण सिंह, जगजीत सिंह, सरदार हरबंस सिंह, नरेंद्र सिंह समेत भारी संख्या में क्षेत्र के किसान और स्थानीय लोग मौजूद रहे।






