pinko казино
DehradunHaridwarPoliticsUttarakhand

‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ : 488 महिलाओं के खातों में ट्रांसफर हुए ₹2.76 करोड़

'Chief Minister's Self-Employment Scheme for Single Women': ₹2.76 crore transferred to the accounts of 488 women.

देहरादून,22 जुलाई 2026 : उत्तराखण्ड सरकार ने मातृशक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है।

Chief Minister Pushkar Singh Dhami ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का भव्य शुभारंभ किया।

आज के कार्यक्रम की मुख्य बातें (Figure At A Glance)

द्वितीय चरण की नई शुरुआत:

योजना के दूसरे चरण के तहत 212 नई महिला लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में ₹1 करोड़ 55 लाख 40 हजार की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी गई।

प्रथम चरण की सौगात:

योजना के पहले चरण की 276 महिला लाभार्थियों को उनकी दूसरी किस्त के रूप में ₹1 करोड़ 20 लाख 76 हजार 875 की धनराशि प्रदान की गई।

कुल वितरण:

इस प्रकार आज एक ही दिन में कुल 488 महिलाओं के खातों में ₹2 करोड़ 76 लाख 16 हजार 875 की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर की गई।

(बता दें कि इस योजना के प्रथम चरण में 10 फरवरी 2026 को 484 महिला लाभार्थियों को ₹3.45 करोड़ की सहायता राशि दी गई थी।)

कौन-कौन है इस योजना के दायरे में?

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना समाज की उन महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है जिन्हें विशेष सहारे की जरूरत है:

पात्र वर्ग: एकल, निराश्रित, विधवा, परित्यक्ता एवं तलाकशुदा महिलाएं।

विशेष वर्ग: एसिड अटैक पीड़िताएं, अन्य आपराधिक घटनाओं से प्रभावित महिलाएं और ट्रांसजेंडर।

आर्थिक मदद: महिलाओं को अपने क्षेत्र में स्वरोजगार शुरू करने के लिए अधिकतर 2 लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत की जाती है, जिसमें 75 प्रतिशत तक का अनुदान (Subsidy) राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है।

‘लखपति दीदी’ से लेकर ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ तक का सफर

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य में महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं:

स्वयं सहायता समूह: प्रदेश की लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी हैं।

लखपति दीदी: राज्य में 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं।

ग्लोबल मार्केट: ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए महिलाओं द्वारा बनाए जा रहे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।

ऐतिहासिक कदम: सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर महिलाओं को उनके अधिकारों की मजबूत सुरक्षा दी गई है।

क्या बोलीं महिला एवं बाल विकास मंत्री?

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार महिलाओं को केवल ‘सहायता का पात्र’ नहीं, बल्कि ‘विकास की साझेदार’ मान रही है।

उन्होंने लाभार्थी महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस योजना का पूरा लाभ उठाएं और समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनें।

कार्यक्रम के दौरान कई लाभार्थी महिलाओं ने राज्य सरकार की इस अनूठी पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button
пинап