“खेत बचाओ अभियान” के तहत कल उत्तराखंड में किसानों के बीच जाएंगे केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान
Union Minister Shivraj Chouhan will visit farmers tomorrow under the "Khet Bachao Abhiyan" (Save the Farm Campaign).
देहरादून,25 जून 2026 : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 26 जून को उत्तराखंड प्रवास पर रहेंगे।
उनके दौरे का मुख्य फोकस किसान, कृषि और ग्रामीण विकास पर रहेगा।
वे एक ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे, वहीं दूसरी ओर खेत-खलिहान तक पहुँचकर किसानों से सीधा संवाद भी करेंगे।
पंतनगर में पूर्व छात्र सम्मेलन में करेंगे शिरकत
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान का प्रवास गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर से प्रारंभ होगा,
जहाँ वे पूर्व विद्यार्थियों के सम्मेलन में शामिल होंगे।
यह आयोजन विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों को एक मंच पर लाने एवं कृषि क्षेत्र में उनके योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
किसान संवाद एवं फील्ड विजिट
रुद्रपुर में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत केंद्रीय मंत्री श्री चौहान किसान संवाद, खेतों का भ्रमण, फसल का जायजा लेंगे तथा कृषि विषयों पर किसानों से प्रत्यक्ष चर्चा करेंगे।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, राज्य के मंत्रीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान सहभागिता करेंगे।
मुख्यमंत्री के साथ उच्चस्तरीय बैठक
इसके पश्चात् पंतनगर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में राज्य में कृषि के समग्र विकास, किसान हितों, ग्रामीण विकास योजनाओं, केंद्र और राज्य की समन्वित कार्यप्रणाली तथा विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में यह भी समीक्षा की जाएगी कि–
केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक कितने प्रभावी ढंग से पहुँच रहा है।
किन क्षेत्रों में गति बढ़ाने की आवश्यकता है।
आगामी योजनाओं को और अधिक प्रभावी एवं जन-केंद्रित कैसे बनाया जा सकता है।
किसानों से सीधा संवाद पर विशेष जोर
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान का यह दौरा किसानों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से सुनने एवं उनके समाधान हेतु विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वे स्वयं खेतों में जाकर फसलों का निरीक्षण करेंगे तथा किसानों से जमीनी स्तर पर चर्चा करेंगे,
जिससे कृषि नीतियों को और अधिक जन-केंद्रित एवं प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।








