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( विडियो) दिल्ली में SC आदेश पर गुरु रविदास मंदिर ढहाये जाने को लेकर डोईवाला में प्रदर्शन,ज्ञापन

देहरादून :सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित गुरु रविदास मंदिर को ढहाये जाने का देश भर में विरोध शुरू हो गया है।

आज इसके विरोध में रविदासीय समाज और सिखों के द्वारा नारेबाजी,प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया गया।

आज सरदार सुरेंद्र सिंह खालसा और रविदासीय समुदाय के लोगों के द्वारा डोईवाला की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया गया।

आप विडियो देखियेगा :—–

जिसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण के द्वारा मंदिर ढाने का विरोध किया गया है।

प्रदर्शनकारियों के द्वारा “केजरीवाल सरकार -मुर्दाबाद” ,”डीडीए-मुर्दाबाद” आदि के नारे लगाए गये।

प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां एसडीएम डोईवाला लक्ष्मीराज चौहान को ज्ञापन पढ़कर सुनाने के बाद सौंपा गया।

प्रदर्शनकारी सरदार सुरेंद्र सिंह खालसा के द्वारा कहा गया कि ,”दिल्ली विकास प्राधिकरण के द्वारा गलत ढंग से तथ्यों को पेश कर गुरु रविदास मंदिर को ध्वस्त करने का घिनौना कार्य किया गया है।

हम इसका विरोध करते हैं।

सरकार अपनी गलती का सुधार करते हुये दोबारा मंदिर की स्थापना करें अन्यथा उग्र आंदोलन किया जायेगा। “

कब किया रविदास मंदिर ध्वस्त ?

दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित गुरु रविदास मंदिर का मामला न्यायालय के विचाराधीन था।

हाईकोर्ट के निर्णय के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बीती 9 अगस्त 2019 को DDA को मंदिर ध्वस्त किये जाने के आदेश दिए थे।

जिसकी तामील करते हुये बीती 10 अगस्त को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मंदिर को ध्वस्त किया गया है। 

PM नरेंद्र मोदी से की हस्तक्षेप की मांग :—

आज देश भर में प्रदर्शन और रविदास जयंती समारोह समिति के द्वारा 15 अगस्त को “काला दिवस” मनाये जाने की घोषणा के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरेंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। 

क्या है इतिहास ?

बताया जाता है कि जिस स्थान पर यह मंदिर था उस स्थान पर 1509 में गुरु रविदास ने एक यात्रा के दौरान विश्राम किया था।

सिकंदर लोधी के द्वारा गुरु रविदास से नामदान लेने के बाद यह भूमि उन्हें दान में दी गयी थी।

1954 में इस दान दी गयी भूमि पर एक मंदिर का निर्माण करवाया गया था।

क्यूं है सिखों की गुरु रविदास में आस्था ?

सिखों के पवित्र धार्मिक ग्रन्थ श्री गुरु ग्रन्थ साहिब में संत शिरोमणि रविदास की वाणी को स्थान दिया गया है।

इसलिए सिखों का लगाव और आस्था गुरु रविदास के प्रति है।

यही कारण है कि दिल्ली के इस रविदास मंदिर के ढहाये जाने पर दिल्ली से लेकर पंजाब तक तीखी प्रतिक्रिया हुई है। 

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