pinko казино
DehradunNationalUttarakhand

गंगोत्री ग्लेशियर की झीलों से तबाही का खतरा नहीं : वाडिया संस्थान

No threat of devastation from Gangotri Glacier lakes: Wadia Institute

देहरादून,2 सितम्बर 2026 : Gangotri Glacier क्षेत्र में छोटी हिमनदीय झीलों से तत्काल किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं है।

Wadia Institute of Himalayan Geology (वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान) ने उपग्रह चित्रों और वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर यह स्थिति स्पष्ट की है।

मीडिया में प्रसारित खबरों के संदर्भ में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Uttarakhand State Disaster Management Authority) ने संस्थान से जानकारी मांगी थी।

झीलों की स्थिति और निर्माण प्रक्रिया

WADIA Institute के अनुसार ग्लेशियर क्षेत्र में दिखने वाली अधिकांश छोटी झीलें अस्थायी प्रकृति की हैं।

इनमें जल की मात्रा बहुत कम होती है और इनका आकार भी छोटा है।

बर्फ के पिघलने से बने छोटे अवसादों में पानी एकत्र होने से ये झीलें बनती हैं।

तापमान और मौसम के बदलाव के साथ ये झीलें स्वतः ही समाप्त भी हो जाती हैं।

वैज्ञानिक आकलन और आपदा की संभावना

विशेषज्ञों के अनुसार इन झीलों में विशाल मात्रा में जल संचित करने की क्षमता नहीं होती।

उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (Glacier Lake Outburst Flood) जैसी आपदा का कोई तत्काल खतरा नहीं है।

वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक झील का जोखिम उसके आकार और भौगोलिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

इसलिए सभी जल निकायों को एक ही श्रेणी में रखना उचित नहीं है।

सतत निगरानी और वैज्ञानिक सर्वेक्षण

वाडिया संस्थान और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा इन झीलों की उपग्रह आधारित नियमित निगरानी की जा रही है।

आवश्यकता पड़ने पर वैज्ञानिक दल द्वारा क्षेत्रीय सर्वेक्षण और अध्ययन भी किए जाते हैं।

समय रहते संभावित जोखिमों की पहचान करने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और निगरानी जारी है।

Related Articles

Back to top button
пинап