डोईवाला के सभासद ने दी “आत्मदाह” की चेतावनी,बोर्ड मीटिंग ‘प्रस्ताव’ का है मामला
A councilor from Doiwala has threatened "self-immolation," the matter concerns a 'resolution' in the board meeting.

देहरादून,5 January 2026 : डोईवाला नगर पालिका के सभासदों ने बोर्ड मीटिंग में आये प्रस्तावों को लेकर पालिका पर मनमाने ढंग से कार्य करने का आरोप लगाया है.
आज यह मामला तब गर्मा गया जब कुछ सभासद पालिका परिसर में धरने पर बैठ गये.
इनमें से एक ने अगले कदम के तौर पर आमरण अनशन और बात न बनने पर ‘आत्मदाह’ की चेतावनी दे डाली है.
हालांकि पालिकाध्यक्ष ने आरोपों को नकारते हुए उन्हें ‘निजी स्वार्थों’ से प्रेरित करार दिया
क्या है पूरे मामले की बैकग्राउंड ?
आइये जानते हैं विस्तार से
इन सभासदों का कहना है कि प्रस्तावों की स्वीकृति को लेकर मनचाहा रवैय्या नगर पालिका के बोर्ड की अवमानना है.
इसके लिए सभासदों ने बाकायदा नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को लिखित में ज्ञापन दिया है
मामले पर कार्रवाई न होते देख इन सभासदों ने जिलाधिकारी के साथ ही शहरी विकास विभाग के निदेशक तथा सचिव को भी ज्ञापन दिया है
समवेत सुर में उठाया मुद्दा
सबसे पहले ये जान लेते हैं कि इस मुद्दे को किन-किन सभासदों ने उठाया है
वार्ड संख्या 01,सभासद मनीष धीमान
वार्ड संख्या 03,सभासद डॉ कल्पना नेगी
वार्ड संख्या 04,सभासद अरुण सोलंकी
वार्ड संख्या 05,सभासद राकेश डोभाल
वार्ड संख्या 06,सभासद प्रियंका मनवाल
वार्ड संख्या 08 ,सभासद संदीप सिंह नेगी
वार्ड संख्या 09,सभासद प्रदीप सिंह
वार्ड संख्या 10,सभासद ईश्वर सिंह रौथाण
वार्ड संख्या 11,सभासद अमित कुमार
वार्ड संख्या 12,सभासद बबीता
वार्ड संख्या 14,सभासद सुशीला सैनी
वार्ड संख्या 17,सभासद विनीत
वार्ड संख्या 20,सभासद रीना कोठारी
पत्र लिखकर उठाया मुद्दा ?
दिनांक 04 दिसंबर 2025 को उपरोक्त सभासदों ने “बोर्ड बैठक में सर्व सम्मति से स्वीकृत एवं अस्वीकृत हुए प्रस्तावों का अनुपालन न किये जाने का संबंध” शीर्षक/विषय से एक पत्र लिखा
यह पत्र नगर पालिका परिषद् डोईवाला के अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को संबोधित था
किन मुद्दों का किया जिक्र ?
पहली बात
सभासदों ने कहा कि 12.11.2025 की बोर्ड बैठक में कुछ प्रस्तावों को सर्वसम्मति से स्वीकृत तथा अनावश्यक प्रस्तावों को अस्वीकृत कर दिया गया था
बाद में समाचार पत्र और पालिका प्रशासन के माध्यम से सभी प्रस्तावों को स्वीकृत बताया गया.
जो कि गलत है
इन सभासदों के अनुसार किन प्रस्तावों को किया गया सर्वसम्मति से रद्द ?
और क्यूं किया गया रद्द ?
पहला रद्द प्रस्ताव
प्रस्ताव संख्या 09
मुख्य चौक-चौराहों पर हाई मास्ट लाइट की व्यवस्था लगाना सदन द्वारा अस्वीकृत
कारण :- कईं वार्डों में स्ट्रीट लाइट नही है
पहले स्ट्रीट लाइट पर्याप्त संख्या में लग जाये
जिसके बाद ही हाई मास्ट लाइट पर विचार किया जाये
दूसरा रद्द प्रस्ताव
प्रस्ताव संख्या 25
मोबाइल टॉयलेट खरीदा जाना अस्वीकृत किया गया
कारण : पहले से खरीदे गये 2 मोबाइल टॉयलेट खराब पड़े हैं जिनका उपयोग नही किया जाता है
नए मोबाइल टॉयलेट जनता के पैसों की बर्बादी होगी
तीसरा रद्द प्रस्ताव
प्रस्ताव संख्या 28
डोईवाला चौक के शौचालय को हाई टेक बनाना
शौचालय में एयर कंडीशनर इत्यादि लगाने का प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया
कारण : कम लागत के शौचालय को बनाना उचित होगा
चौथा रद्द प्रस्ताव
प्रस्ताव संख्या 42
वार्डों में वाटर कूलर लगाए जाने का प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया.
कारण : पहले से लगे वाटर कूलर का मेंटेनेंस, रख-रखाव नहीं किया गया
दुबारा खरीददारी जनता के पैसों का दुरूपयोग होगा.
बोर्ड मीटिंग का कार्यवृत्त जारी नही करना
उपरोक्त सभासदों का कहना है कि नगर पालिका की बोर्ड मीटिंग 12 नवम्बर 2025 को हुई थी.
लेकिन एक माह से भी अधिक समय तक मीटिंग का कार्यवृत्त जारी नही किया गया.
दिनांक 20 दिसंबर 2025 को यह कार्यवृत्त सभासदों को उपलब्ध कराया गया.
जिससे उन्हें बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकृत प्रस्तावों को अस्वीकृत और अस्वीकृत प्रस्तावों के स्वीकृत होने की जानकारी पुख्ता तौर पर मिली.
हंगामा भरा 5 जनवरी 2026 का दिन
आज के दिन डोईवाला के चांदमारी स्थित एक रेस्टोरेंट में पालिकाध्यक्ष की नाराज सभासदों से बातचीत हुई.
ये बातचीत लगभग सारा दिन भर चली.
जिसमें लगभग 10 असंतुष्ट सभासद नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी से अपनी सहमति जताते नजर आये.
लगभग उसी समय सभासद संदीप नेगी,प्रदीप नेगी के अलावा सभासद प्रतिनिधि विनीत मनवाल और हिमांशु राणा डोईवाला नगर पालिका के परिसर में धरने पर बैठ गये
अपनी नाराजगी जताते हुये सभासद प्रदीप नेगी ने अपने अगले कदम के तौर पर आमरण अनशन पर जाने की बात कही.
उन्होंने कहा कि यदि बात नही बनी तो वे ‘आत्मदाह’ करेंगें.
क्या कहा नगर पालिका अध्यक्ष ने ?
नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा है कि वे “सबका साथ,सबका विकास” के मूलमंत्र को लेकर काम कर रहे हैं.
लगभग सभी सभासद उनके साथ हैं.
केवल एक-दो सभासद और सभासद प्रतिनिधि अपने “निजी स्वार्थों” के कारण गुमराह कर रहे हैं
उनके व्यक्तिगत स्वार्थों के कारण नगर पालिका के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं







