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‘मित्र पुलिस’ की “ईमानदारी”,जॉलीग्रांट चौकी प्रभारी मुकेश डिमरी ने लौटाये 20000 रुपये

उत्तराखंड पुलिस के “मित्र पुलिस” स्लोगन को चरितार्थ करते हुए जॉलीग्रांट चौकी प्रभारी मुकेश डिमरी ने एक स्थानीय व्यक्ति की रकम सहित कागजात लौटाये हैं.

> रानीपोखरी के व्यक्ति का है यह मामला

> रकम और कागजात सहित खोया पर्स

> पर्स चौकी प्रभारी मुकेश डिमरी को मिला

> स्थानीय व्यक्ति ने की पुलिस की प्रशंसा

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रजनीश प्रताप सिंह ‘तेज’

देहरादून : उत्तराखंड पुलिस देश में अपने श्रेष्ठ कार्यों के लिये पहचानी जाती है.

हाल ही में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPRD) द्वारा भी उत्तराखंड पुलिस की प्रशंसा की गयी.

“मित्रता,सेवा,सुरक्षा” के आदर्श वाक्य के साथ उत्तराखंड पुलिस अपने कार्यों में रात-दिन कार्य कर रही है

इसी वाक्य को चरितार्थ किया है डोईवाला अंतर्गत जॉलीग्रांट चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर मुकेश डिमरी ने

सब इंस्पेक्टर मुकेश डिमरी ने कहा कि पुलिस “परित्राणाय साधूना,विनाशाय च दुष्कृताम” को अपनाते हुए काम करती है.

पुलिस दुष्टों के लिए ‘कठोर’ लेकिन सज्जन की कानून के अनुसार ‘सुरक्षा’ करने वाली होती है.

आज हमें ड्यूटी के दौरान प्राप्त पर्स को हमने उसके असली हकदार की तस्दीक कर उसे लौटा दिया गया है”

आज सुबह चौकी प्रभारी मुकेश डिमरी अपने हमराह कांस्टेबल सुमित चौधरी के साथ ड्यूटी पर थे इसी दौरान उन्हें हिमालयन चौक के पास सड़क पर गिरा हुआ एक पर्स मिला

जब उन्होंने उसे खोलकर देखा तो पर्स के भीतर 20000 रुपये की रकम,ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन की आरसी थी.

इन कागजात में गुलफाम पुत्र याकूब अली निवासी लिस्ट्राबाद,रानीपोखरी का नाम दर्ज था.

इनके द्वारा इस व्यक्ति को संपर्क कर चौकी बुलाया गया तस्दीक करने पर गुलफाम द्वारा बताया गया कि मैं कृष्णा ऑटोमोबाइल भानियावाला में मैकेनिक का काम करता हूं.

आज सुबह दुकान से हिमालयन चौक की तरफ जा रहा था तो रास्ते में मेरी जेब से मेरा पर्स गिर गया जब मुझे पर्स गिरने का पता चला तो मेरे होश उड़ गये क्यूंकि मेरे लिए बीस हजार रुपये एक बड़ी रकम है.

इसके साथ ही मेरे कागजात भी खो गये बुरी तरह हैरान-परेशान होकर मैं बुरी तरह पर्स की खोजबीन में जुट गया.

जब चौकी प्रभारी मुकेश डिमरी द्वारा मुझे रकम और कागजात वापस लौटाये गये तो मैंने राहत की सांस ली गुलफाम ने सब-इंस्पेक्टर मुकेश डिमरी का दिल की गहराईयों से धन्यवाद करते हुए उनकी भूरी-भूरी प्रशंसा की है.

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