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सोशल मीडिया पर ‘पोक्सो पीड़िता’ की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ केस दर्ज

Case filed against those who revealed the identity of a 'POCSO victim' on social media

देहरादून,7 अक्टूबर 2025 : नाबालिग यौन उत्पीड़न पीड़िता की पहचान सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने के मामले में दून पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है.

इस मामले में नाबालिग की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ ऋषिकेश कोतवाली में एक केस अलग से दर्ज किया गया है.

यह केस पोक्सो (POCSO) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किया गया है.

पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी

SSP की कड़ी चेतावनी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून अजय सिंह ने इस मामले को अति संवेदनशील बताते हुए सख्त चेतावनी जारी की है.

उन्होंने कहा कि बाल अपराध और महिला संबंधी अपराध, विशेषकर पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज अपराधों में, पीड़िता की पहचान को किसी भी माध्यम से सार्वजनिक या प्रसारित/प्रचारित करना दंडनीय अपराध है

एसएसपी देहरादून ने कहा:

“जिनके द्वारा उक्त प्रकरण में मीडिया के माध्यम से पीड़िता की पहचान सार्वजनिक की गई है, उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया है व इस प्रकार का कृत्य करने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी

जिनके द्वारा भी उक्त प्रकरण के पोस्ट को फॉरवर्ड या शेयर किया जा रहा है, कृपया उसको डिलीट करें, अन्यथा ऐसे सभी व्यक्तियों के विरुद्ध पोक्सो एक्ट के अंतर्गत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

पहले से ही है केस दर्ज

पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश कोतवाली में पहले से ही दिनांक 30 सितंबर 2025 को नाबालिग पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर यौन उत्पीड़न का मुकदमा अपराध संख्या 472/25, दर्ज है.

यह मुकदमा धारा: 65(2), 351(3) BNS और धारा: 5(m)/6 पोक्सो अधिनियम) दर्ज है.

इस मामले में, अभियुक्त को तत्काल 1 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर जिला कारागार सुद्धोवाला में न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है.

हालांकि, विवेचना के दौरान यह संज्ञान में आया कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर इस प्रकरण से संबंधित पीड़ित नाबालिग की फोटो, वीडियो और उसकी पहचान को सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया गया है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर तत्काल संज्ञान लेते हुए, विवेचक द्वारा कोतवाली ऋषिकेश पर इन सभी व्यक्तियों के विरुद्ध मु0अ0सं0: 475/25 धारा: 23(4) पोक्सो एक्ट तथा धारा 72 बीएनएस का अभियोग पंजीकृत कराया गया है.

पुलिस अब उन सभी सोशल मीडिया यूजर्स की पहचान कर रही है जिन्होंने कानून का उल्लंघन किया है.

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