जंगली हाथियों की डोईवाला आबादी क्षेत्र में धमक से आम आदमी भयभीत,सभासद ने दिया ज्ञापन
The presence of wild elephants in the Doiwala residential area has frightened the local residents; a councilor has submitted a memorandum.

The presence of wild elephants in the Doiwala residential area has frightened the local residents; a councilor has submitted a memorandum.
देहरादून,4 जनवरी,2025 : बीते कुछ समय से जंगली हाथियों की आबादी क्षेत्र में घुसपैठ से स्थानीय जनता भयाक्रांत है.
जिसे लेकर स्थानीय सभासद ने वन रेंज अधिकारी को एक ज्ञापन देकर उचित कार्रवाई की मांग की है.
हमलावर हो रहे गजराज
गौरतलब है कि बीते दो वर्षों में डोईवाला के आस-पास के क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही और हमलों की घटना में वृद्धि देखने को मिली है.
कांवड़ के दौरान लच्छीवाला मणि माई मंदिर के पास हाथी के हमले में एक स्कूटी सवार व्यक्ति घायल हो गया था.
हाल ही में लच्छीवाला निवासी एक व्यक्ति हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गये.
जबकि जॉलीग्रांट निवासी एक युवक को हाथी के हमले में अपनी जान गंवानी पड़ी है.
इस तरह के मामलों से स्थानीय जनता में भय और असुरक्षा का माहौल है.
आबादी क्षेत्र में चहलकदमी
डोईवाला के मिस्सरवाला क्षेत्र में भी जंगली हाथी की चहलकदमी देखने को मिल रही है.
मिस्सरवाला निवासी और इंडस्ट्रियलिस्ट रोमी वासन ने हाथी की आवाजाही को लेकर अत्यंत चिंतित हैं.
श्री वासन ने बताया कि उनके निवास स्थान के नजदीक हाथी की कईं बार आवाजाही हुई है.
जो CCTV कैमरे की रिकॉर्डिंग में साफ़ देखी जा सकती है.
उन्होंने वन विभाग से उचित कदम उठाने की मांग की है.
श्री वासन का कहना है कि वन विभाग ऐसे प्रभावी कदम उठाये जिससे हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखा जा सके.
सभासद ने सौंपा ज्ञापन
नगर पालिका वार्ड 20 की सभासद रीना कोठारी ने जंगली जानवरों की समस्या को लेकर एक ज्ञापन वन विभाग को दिया है.
सभासद प्रतिनिधि प्रकाश कोठारी के द्वारा लच्छीवाला फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर मेधावी कीर्ति को यह ज्ञापन सौंपा गया है.
ज्ञापन में बताया गया कि विगत समय में हाथियों का आवागमन बढ़ा है.
जिससे आम जनमानस में भय के साथ ही स्थानीय लोगों की फसलों का भी नुकसान हो रहा है.
रेंज ऑफिसर मेधावी कीर्ति ने बताया कि कुछ स्थानों पर खाई की गहराई समय के साथ कुछ कम हो गयी थी.
जिसे दोबारा पर्याप्त गहरा किया गया है.
इसके साथ ही आबादी क्षेत्र से लगती हुई फारेस्ट की इलेक्ट्रिक फेंसिंग क्षतिग्रस्त थी
जिसे दुरस्त किया जा रहा है.
सुश्री कीर्ति ने बताया कि वन्य जीव मानव संघर्ष की घटनाओं पर रोक के सभी प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं.









