उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक संगीत बैंड पांडवाज की दमदार प्रस्तुति ने बनाया ‘हिमोत्सव-2024’ को यादगार
देहरादून ( रजनीश प्रताप सिंह तेज ) : स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जॉलीग्रांट में तीन दिवसीय स्थापना दिवस समारोह ‘हिमोत्सव-2024’ का रंगारंग समापन हो गया।
समारोह के आखिरी दिन की शाम उत्तराखंड के लोक संगीत के विराट उत्सव के रुप में दिखी।
‘पांडवाज’ बैंड की धमाकेदार प्रस्तुति ने मौजूद जनसैलाब का दिल जीत लिया।
बुधवार को एसआरएचयू में ‘हिमोत्सव-2024’ के समारोह का शुभारंभ अध्यक्ष डॉ.विजय धस्माना, कुलपति डॉ.राजेंद्र डोभाल, डॉ.विजेंद्र चौहान ने संस्थापक डॉ.स्वामी राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अध्यक्ष डॉ.विजय धस्माना ने पांडवाज की टीम के सभी सदस्यों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
पांडवाज बैंड ने लोक संस्कृति पर आधारित केदारनाथ धाम पर आधारित भजन के साथ सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया।
इसके बाद एक से बढ़कर शानदार प्रस्तुतियां दी।
पांडवाज बैंड की धुन के साथ दर्शक झूमते नजर आए।
पांडवाज बैंड के जागर के फ्यूजन वर्जन ने आछरियों और जीतू बगडवाल की कथा को जीवंत कर दिया।
इस दौरान पांडवास ने घुघुती, समलौंण के अलावा अपनी टाइम मशीन सीरीज के कई गानों से लोगों की दिलों की धड़कने को बढ़ाया।
कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों की फरमाइश सहित पांडवाज ने करीब एक दर्जन से ज्यादा प्रस्तुतियां दी।
तेज बजते साउंड और संगीत के दीवाने स्टूडेंट्स के वन्स मोर-वन्स मोर के शोर के बीच ‘हिमोत्सव-2024’ का समापन हो गया।
पांडवाज की टीम में स्टेज पर राकेश, अनिरुद्ध, श्रेष्ठ, दीपक, गौरव, सुशांत, ईशान, शिवानी, अंजलि, राशि, राजदीप जबकि बैक स्टेज सलिल, कुणाल, ऋषि, नवदीप, लोकेश, सौरव मौजूद रहे। दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों की प्रतिभा को सम्मान दिया।
समारोह का संचालन डॉ.ज्योति द्विवेदी ने किया।
इस दौरान डॉ.रेनू धस्माना, कुलसचिव डॉ.मुकेश बिजल्वाण सहित सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्य, फैकल्टी, स्टाफ व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
‘‘हमारी कोशिश रहती है कि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले युवा अपनी संस्कृति और अपनी जड़ को न भूले।
फूलदेई और हरेला जैसे त्योहारों के माधयम से भी हम समय-समय पर विश्वविद्यालय में ऐसे आयोजन करते रहते हैं। पांडवाज बैंड की प्रस्तुति के पीछे हमारा उद्देश्य है युवा पीढ़ी को लोक संस्कृति से रुबरू करवा सकें।
हमें खुशी और गर्व है कि ‘हिमोत्सव’ का आयोजन इस उद्देश्य में कामयाब रहा।‘ – डॉ.विजय धस्माना, अध्यक्ष, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, जौलीग्रांट
एंट्री गेट पर दिखा लोगों का हुजूम
समारोह स्थल के बाहर भारी संख्या लोग दिखे।
एंट्री गेट पर लंबी कतार लगी हुई थी।
भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे।
समारोह स्थल में जाने के लिए बेसब्र लोग वॉलेंटियर्स से पहाड़ी भाषा में दरख्वास्त कर रहे थे।
इसी कतार में उत्तराखंड के जोशीले युवा भी मौजूद थे, जिन्होंने गेट के बाहर से ही पूरा माहौल बनाना शुरू कर दिया।
कोई अपने दादा-दादी को यहां लेकर आया था तो कोई नई पीढ़ी के अपने बच्चों को उत्तराखंड की झलक दिखाने इवेंट में पहुंचे थे।