रानीपोखरी पेट्रोल पंप पर “स्कैनर” से लाखों की हेराफेरी,मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Millions of rupees embezzled at Ranipokhri petrol pump using a "scanner"; mastermind arrested.
देहरादून,2 फरवरी 2026 : राजधानी देहरादून के रानीपोखरी क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का एक अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है.
शातिर ठगों ने पेट्रोल पंप के QR कोड (स्कैनर) का इस्तेमाल कर लाखों रुपयों का अवैध लेनदेन किया।
रानीपोखरी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए राजस्थान के एक पेशेवर अपराधी को दबोच लिया है, जबकि उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है
पैट्रोल पंप के खाते में ₹4.50 लाख की हेराफेरी
यह मामला रानीपोखरी स्थित ‘शहीद सुबाव पैट्रोल पंप’ से जुड़ा है
भोगपुर के रहने वाले प्रशांत रावत की सास के नाम से यह पेट्रोल पंप चल रहा है
जब प्रशांत रावत को पेट्रोल पंप के खाते के स्कैनर (QR Code) से ऑनलाइन ठगी का पता चला
तो उसने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी
तत्काल कार्रवाई करते हुये अवैध लेन-देन से जुडी 4,50,000/- रुपये (चार लाख पचास हजार रुपये) की धनराशी तत्काल फ्रीज कर दी गयी
इस मामले में प्रशांत रावत की तहरीर पर थाना रानीपोखरी पर एक मुकदमा संख्या 13/2026 दर्ज किया गया
यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2)/61(2)/3(5) के तहत किया गया
जाखन नदी रोड से धरा गया मास्टरमाइंड
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर गठित टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जाल बिछाया।
रविवार को पुलिस ने पेट्रोल पंप के पास नागाघेर क्षेत्र से राजस्थान निवासी युवराज सिंह भाटी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त का प्रोफाइल:
नाम: युवराज सिंह भाटी (23 वर्ष)
निवासी: जिला नागौर/जोधपुर, राजस्थान।
इतिहास: अभियुक्त पहले भी राजस्थान में धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है।
पुलिस पूछताछ में हुआ खुलासा
अभियुक्त युवराज ने पुलिस को बताया कि उसने 3 साल पहले राजस्थान के ठगों से ऑनलाइन धोखाधड़ी सीखी और कमीशन पर काम शुरू किया।
उसकी मुलाकात ऋषिकेश निवासी प्रमोद उर्फ पम्मी से हुई।
प्रमोद ने उसे पेट्रोल पंप का स्कैनर उपलब्ध कराया।
अपराध करने का तरीका (Modus Operandi)
आप सरल तरीके से इस अपराध को इस तरह समझ सकते हैं
अपराधियों ने वैध बिजनेस (पेट्रोल पंप) के खाते को अपनी काली कमाई को ‘सफेद’ करने और कैश निकालने के माध्यम (Money Mule) के रूप में इस्तेमाल किया
अब इसे थोड़ा विस्तार से Step by step समझते हैं
(1) स्कैनर का एक्सेस पाना: गिरोह के मुख्य सदस्य (प्रमोद उर्फ पम्मी) ने पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से साठगांठ की
और पंप के आधिकारिक पेमेंट स्कैनर (QR कोड) तक अपनी पहुंच बनाई या उसे ठगी के लिए इस्तेमाल करना शुरू किया।
(2) अवैध लेन-देन (Online Fraud): मुख्य अभियुक्त युवराज सिंह और उसके साथी अन्य लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करते थे
और ठगी की रकम को सीधे अपने बैंक खाते में मंगाने के बजाय पेट्रोल पंप के स्कैनर/खाते में डंप करते थे।
ऐसा इसलिए किया गया ताकि पुलिस को उन तक पहुँचने में मुश्किल हो।
(3) कैश में कन्वर्जन: जैसे ही ठगी का पैसा पंप के खाते में आता,
गिरोह का स्थानीय साथी (प्रमोद) पंप के कर्मचारियों की मदद से उस डिजिटल पैसे के बदले ‘कैश’ (नगदी) ले लेता था।
(4) कमीशन का खेल: यह पूरा गिरोह ‘कमीशन बेस’ पर काम करता था।
ठगी गई बड़ी रकम का एक हिस्सा पंप के मददगार कर्मचारियों और स्थानीय गुर्गों को दिया जाता था,
जबकि बाकी पैसा मुख्य आरोपी आपस में बांट लेते थे।
विवरण गिरफ्तार अभियुक्त:-
1-युवराज सिंह भाटी पुत्र श्री लक्ष्मण सिंह भाटी निवासी ग्राम: घोडो की पोल,खजवाणा रोड,संखवाश थाना- भंवडा जिला नागौर,राजस्थान हाल निवासी: स्पाल्टन लाइब्रेरी के पास पंसा मार्केट,विष्णु नगर,डिगाडी थाना बनाड जिला जोधपुर राजस्थान उम्र: 23 वर्ष,
आपराधिक इतिहास अभियुक्त :-
1- मु0अ0सं0- 198/2024 धारा 318(4)/319(2)/61(2) बीएनएस थाना बोरन्धा, जनपद जोधपुर ग्रामीण, राजस्थान।
2- मु0अ0सं0- 13/26 धारा 318(4)/ 61(2) बीएनएस थाना रानीपोखरी, जनपद देहरादून।
विवरण बरामदगी:-
1- विभिन्न बैंको के 04 डेबिट/एटीएम कार्ड
2- 35200/- रुपये नगद
पुलिस टीम :-
1- उ०नि० विकेन्द्र चौधरी, थानाध्यक्ष रानीपोखरी
2- उ0नि0 विक्रम सिंह नेगी
3- हे0का0 धीरेन्द्र यादव
4- का0 रवि कुमार





