देहरादून एयरपोर्ट पर स्थानीय टैक्सी चालकों का “उबर के खिलाफ हल्ला बोल”
Local taxi drivers at Dehradun airport stage "attack against Uber"

देहरादून : उत्तराखंड के देहरादून स्थित जॉलीग्रांट एयरपोर्ट JOLLYGRANT AIRPORT पर आज माहौल उस वक्त तनाव पूर्ण हो गया
जब स्थानीय प्रीपेड टैक्सी यूनियन जॉलीग्रांट ने अमेरिकी कंपनी उबर के संचालन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया
स्थानीय टैक्सी संचालकों ने इस कदम को अपने पेट पर लात मारना बताया है
रात के सन्नाटे में सीक्रेट एंट्री
यूनियन का आरोप है कि एयरपोर्ट पर एक सोची समझी रणनीति के तहत आधी रात के सन्नाटे में गुपचुप तरीके से उबर का कियोस्क स्थापित कर दिया गया है.
ऐसा स्थानीय टैक्सी संचालकों के विरोध से बचने के लिए किया गया है.
यूनियन का कहना है कि जब स्थानीय लोगों का टेंडर और फाइनेंसियल बिड अभी तक भी नहीं की गई है तो
उबर को रातों-रात परमिशन कैसे मिल गई
यूनियन के सचिव चंद्र मोहन का कहना है कि एक उबर अमेरिकी कंपनी है जिनकी कमाई का करोड़ों डॉलर विदेश में जा रहा है
जबकि स्थानीय लोग बेरोजगारी की कगार पर हैं
आजीविका का गहरा रहा संकट
जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के निर्माण में और इसके विस्तार में स्थानीय लोगों की जमीन भी अधिग्रहित की गई है
जिनमें से कुछ व्यक्ति टैक्सी संचालन के द्वारा अपना पेट पाल रहे हैं
उनका कहना है कि उबर जैसी कंपनियों के संचालन से उनकी रोजी-रोटी और परिवार पर आजीविका का संकट आ जाएगा
उन्हें अपनी रोजी-रोटी छीन जाने का डर सता रहा है
राजनीतिक समर्थन और प्रशासनिक हलचल
आज इस विरोध प्रदर्शन को धार देने के लिए कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल भी मौके पर पहुंचे.
उन्होंने यूनियन की मांगों का समर्थन किया.
मामले को बढ़ता हुआ देखकर आज पुलिस और प्रशासन के द्वारा सुलझाने के लिए एक वार्ता आयोजित की गई.
जिसमें एसपी देहात, सर्किल ऑफिसर पुलिस, एसडीम के साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ऑफिसर्स और जॉलीग्रांट टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल रहे
हालांकि इस वार्ता का कोई हल नहीं निकल पाया है
इसके बाद टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधि मंडल के द्वारा उत्तराखंड शासन के अनुसचिव के साथ वार्ता की गई
जिसका कोई हल नहीं निकल पाया
ताजा जानकारी के अनुसार अब टैक्सी यूनियन जॉली ग्रांट के पदाधिकारी के एक प्रतिनिधिमंडल की भेंट उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ होनी तय हुई है.








