लोक संस्कृति और गढ़वाली कविताओं के संरक्षण-संवर्धन के लिए ‘देवभूमि माटी गौरव सम्मान से डॉ. ममता कुंवर सम्मानित
Dr. Mamta Kunwar honored with the ‘Devbhoomi Mati Gaurav Samman’ for the preservation and promotion of folk culture and Garhwali poetry.

देहरादून: संस्कृति जागरण मंच, उत्तराखंड प्रान्त की ओर से संस्कृति विभाग के सहयोग से संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में ‘देवभूमि माटी गौरव सम्मान–2026’ समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
इस दौरान साहित्य, संस्कृति, लोकगायन, संगीत, अभिनय, स्वास्थ्य सेवा, महिला उद्यमिता, पत्रकारिता, समाजसेवा और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 24 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी तथा विशिष्ट अतिथि कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले गुणीजनों को सम्मान पत्र प्रदान कर शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर वक्ताओं ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकभाषाओं और परंपराओं के संरक्षण-संवर्धन पर विशेष बल दिया।
समारोह में साहित्यकार, कवयित्री एवं शिक्षाविद् डॉ. ममता कुंवर को उत्तराखंड की लोक संस्कृति और गढ़वाली कविताओं के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में दिए गए
अमूल्य योगदान के लिए ‘देवभूमि माटी गौरव सम्मान–2026’ से नवाजा गया।
डॉ. कुंवर लंबे समय से साहित्य, लोकभाषा और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं तथा अपनी रचनात्मकता के माध्यम से पहाड़ की संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास कर रही हैं।
सम्मान प्राप्ति पर आभार व्यक्त करते हुए डॉ. ममता कुंवर ने कहा, “अपनी माटी, अपनी भाषा और अपनी संस्कृति के लिए कार्य करना मेरे लिए गौरव के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
यह सम्मान मुझे लोक संस्कृति और गढ़वाली भाषा-साहित्य के संरक्षण के लिए और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।”
संस्कृति जागरण मंच, उत्तराखंड प्रान्त के अध्यक्ष ज्योति प्रकाश पंत ने सभी सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन निस्वार्थ भाव से समाज और संस्कृति के लिए समर्पित लोगों का मनोबल बढ़ाते हैं और उनके योगदान को व्यापक पहचान दिलाते हैं।
समारोह में दीपक केंतुरा, विजय पंत सहित संस्कृति जागरण मंच के पदाधिकारी, आयोजक मंडल के सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






