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हिम्स जौलीग्रांट की आधुनिक पहल: ‘लेबर एनाल्जीसिया’ से प्रसव पीड़ा होगी कम, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित

A cutting-edge initiative by Hims Jolly Grant: Labor analgesia will ease labor pain, ensuring safety for both mother and child.

देहरादून :  हिमालयन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में एक अहम पहल करते हुए लेबर एनाल्जीसिया (प्रसव के दौरान दर्द निवारण) सेवा की शुरुआत की है.

यह कदम आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त मातृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है.

एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. शीतल ने विभागाध्यक्ष डॉ. गुरजीत कौर के नेतृत्व में इस अत्याधुनिक सेवा का शुभारंभ किया.

सेवा प्रारंभ होते ही तीन गर्भवती महिलाओं को लेबर एनाल्जीसिया प्रदान किया गया.

तीनों का प्रसव सुरक्षित और सफल रहा तथा वे पूरी तरह स्वस्थ हैं.

क्या है लेबर एनाल्जीसिया

लेबर एनाल्जीसिया एक वैज्ञानिक और चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित पद्धति है,

जिसके माध्यम से प्रसव के दौरान होने वाले तीव्र दर्द को नियंत्रित किया जाता है.

सामान्यतः इसे एपिड्यूरल तकनीक के जरिए दिया जाता है.

इस प्रक्रिया से प्रसव पीड़ा में उल्लेखनीय कमी आती है, जबकि प्रसूता पूरी तरह सजग और सचेत रहती है।

वह शिशु के जन्म की प्रक्रिया को महसूस कर सकती है और

सक्रिय भागीदारी निभा सकती है.

विशेषज्ञों की निगरानी में यह तकनीक मां और शिशु दोनों के लिए सुरक्षित मानी जाती है.

महिलाओं को मिलेंगे अनेक लाभ

विभागाध्यक्ष डॉ. गुरजीत खुराना ने कहा कि लेबर एनाल्जीसिया महिलाओं को यह अधिकार और विकल्प देता है कि वे अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार कम दर्द वाला प्रसव चुन सकें.

एनेस्थीसिया विभाग के अनुसार संस्थान का उद्देश्य अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों को इस सुविधा के प्रति जागरूक करना है,

ताकि हर मां सुरक्षित, सशक्त और सम्मानजनक प्रसव का अनुभव कर सके.

सम्मानजनक मातृत्व देखभाल की दिशा में कदम

निदेशक (अस्पताल सेवाएं) डॉ. हेमचंद्रा ने कहा कि इस सेवा की सफल शुरुआत के साथ हिम्स जौलीग्रांट ने मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित की है.

यह पहल सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है और

भविष्य में अनेक माताओं के लिए राहत और विश्वास का आधार बनेगी.

इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते.

लेबर एनाल्जीसिया को लेकर गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या इससे किसी प्रकार के दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट) हो सकते हैं.

विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और सुरक्षित है.

प्रशिक्षित एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की निगरानी में दी जाने वाली यह प्रक्रिया मां और शिशु दोनों के लिए सुरक्षित मानी जाती है.

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