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(वीडियो देखिये) “सल्लू सांप” पर बुल्लावाला कॉलेज में प्रोग्राम

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देहरादून :”विश्व सल्लू सांप दिवस” पर बुल्लावाला राजकीय इंटर कॉलेज में माटी संस्था और उत्तराखंड साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर के द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

“सल्लू सांप” पर इसलिए मंडरा रहा है खतरा:—-

इस पर खतरे की सबसे बड़ी वजह इसका उपयोग “यौनवर्धक दवाओं” को बनाने में किया जाता है।

आप वीडियो देखियेगा:–

कुछ तांत्रिक भी तंत्र क्रियाओं में इसका इस्तेमाल करते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डिमांड की खातिर शिकारी इसकी ताक में रहते हैं।

चीन,थाईलैंड जैसे कुछ देशों में इसे होटल-रेस्त्रां में भोजन के रूप में परोसा जाता है।

15 फरवरी को पूरी दुनिया में “विश्व सल्लू सांप दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है।

एक लघु नाटिका के मंचन के माध्यम से बेहद रोचक तरीके से कॉलेज के विद्यार्थियों को “सल्लू सांप” के बारे में जागरूक किया गया।

नाटिका के तुरंत बाद बच्चों से क्विज के तहत प्रश्न भी पूछे गए सही उत्तर देने वाले स्टूडेंट्स को बाकायदा इनाम भी दिये गये।

साइंटिस्ट वेद प्रकाश तिवारी ने “यूके तेज़” को बताया कि,” पैंगोलिन यानी सल्लू सांप संकटग्रस्त प्रजाति का जीव है।

लगातार घटती संख्या की वजह से पैंगोलिन एक चिंता का विषय बन चुका है।

पैंगोलिन जलीय स्त्रोतों के आसपास जमीन में बिल बनाकर रहता है।

इसे चींटीखोर भी कहते हैं। यह उत्तराखंड में भी पाया जाता है।

उत्तराखंड वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान इसके संरक्षण के लिए प्रयासरत हैं।

इस अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज बुल्लावाला के प्रभारी प्रधानाचार्य शरद कुमार शर्मा,मोहन वशिष्ठ,डीएस रौतेला,

अतुल नैथानी,एसपी कोटनाला,रामचंद्र प्रजापति,वीएस नेगी,प्रियंका शर्मा,बबिता पांथरी,उर्मिला डिमरी,

साइंटिस्ट वेद प्रकाश तिवारी,माटी संस्था के कईं सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में कॉलेज स्टूडेंट्स उपस्थित थे।

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