देहरादून ( रजनीश प्रताप सिंह तेज ) : बीते रोज देहरादून के डोभाल चौक पर हुई फायरिंग की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गयी जबकि दो अन्य घायल हो गये
इस मामले में देहरादून पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि चार अन्य आरोपी फरार बताये जा रहे हैं
खबर की प्रमुख बातें संक्षेप में
घटना:
• 16 जून 2024 की रात, डोभाल चौक पर गोलीबारी हुई।
• 3 लोग घायल हुए, जिनमें से एक की मौत हो गई।
• आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए।
घायल:
सुभाष क्षेत्री (कैलाश अस्पताल, फिर इंद्रेश अस्पताल में भर्ती)
मनोज नेगी (दून अस्पताल, फिर इंद्रेश अस्पताल में भर्ती)
दीपक बडोला (मृत, शव डोभाल चौक के पास नाले से मिला)
आरोपी:
देवेंद्र उर्फ सोनू भारद्वाज (गिरफ्तार)
मोनू भारद्वाज (गिरफ्तार)
सागर यादव उर्फ शम्भू यादव (गिरफ्तार)
रामवीर (फरार)
मनीष (फरार)
अंकुश (फरार)
योगेश (फरार)
मकसद:
पुरानी रंजिश
लेनदेन का विवाद (वाहन गिरवी रखने और ब्याज पर पैसे देने को लेकर)
कार्रवाई:
पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
2 आरोपियों की तलाश जारी है।
धारा 307, 302 और 120B आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अब खबर विस्तार से
फायरिंग की सूचना और पुलिस की कार्रवाई
16 जून 2024 की रात को देहरादून के डोभाल चौक पर फायरिंग की घटना हुई है, जिसमें 2-3 लोग घायल हो गए ।
घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति एक सिल्वर रंग की गाड़ी (UK07DA-6262) में भाग गए।
इस सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पूरे जिले में चेकिंग के आदेश दिए और क्षेत्राधिकारी डोईवाला के नेतृत्व में तीन पुलिस टीमें गठित कीं।
पुलिस की सघन चेकिंग को देखते हुए, फरार अभियुक्तों ने वाहन को आशारोड़ी बैरियर के पास छोड़कर जंगल में भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने सघन कांबिंग ऑपरेशन शुरू किया।
घायलों की स्थिति और जांच
घटना की सूचना पर अन्य वरिष्ठ अधिकारी और थानाध्यक्ष रायपुर मय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
घायल सुभाष क्षेत्री को उसके परिजन कैलाश अस्पताल ले गए और पुलिस ने अन्य घायल मनोज नेगी को एम्बुलेंस की सहायता से दून अस्पताल भर्ती कराया।
पूछताछ में घायलों ने बताया कि देवेंद्र कुमार उर्फ सोनू भारद्वाज और मोनू भारद्वाज ब्याज का काम करते थे
और उनके घर में रामवीर, योगेश, और मनीष रह रहे थे, जिनके विरुद्ध हत्या के कई अभियोग दर्ज हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि
15 जून 2024 को सागर यादव ने एक टाटा स्ट्रोम वाहन को सवा चार लाख रुपये में सोनू भारद्वाज के पास गिरवी रखा था, जबकि वाहन का मालिक दीपक बडोला था।
जब दीपक को इसकी जानकारी मिली, तो उसने सागर यादव से वाहन वापस मांगा, लेकिन उसे धमकी दी गई।
इसके बाद, दीपक ने सुभाष क्षेत्री और मनोज नेगी के साथ मिलकर वाहन वापस मांगने का निर्णय लिया।
16 जून को जब वे सोनू भारद्वाज के घर पहुंचे, तो उन पर फायरिंग की गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। सुभाष और मनोज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि दीपक बडोला का शव अगले दिन नाले में मिला।
पुलिस जांच और कार्रवाई
मौके पर फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया की।
इस घटना के संबंध में सचिन छेत्री की तहरीर के आधार पर धारा 307 आईपीसी के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
दीपक बडोला का शव मिलने पर धारा 302 और 120बी भादवि की धाराएं जोड़ी गईं।
घटना में संलिप्त देवेंद्र कुमार उर्फ सोनू भारद्वाज, मोनू शर्मा, और सागर यादव उर्फ शम्भू यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें संभावित स्थानों पर भेजी गईं।
हिरासत में लिए गए अभियुक्तों का विवरण
देवेंद्र कुमार उर्फ सोनू भारद्वाज पुत्र इंद्र कुमार शर्मा निवासी गढ़वाली कॉलोनी, रायपुर, देहरादून।
मोनू भारद्वाज पुत्र इंद्र कुमार शर्मा निवासी गढ़वाली कॉलोनी, रायपुर, देहरादून।
सागर यादव उर्फ शम्भू यादव पुत्र दिनेश यादव निवासी नेहरू ग्राम, रायपुर, देहरादून।