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ऋषिकेश में MDDA की बड़ी कार्रवाई,10 अलग-अलग मल्टीस्टोरी बिल्डिंग करी सील

MDDA takes big action in Rishikesh, seals 10 different multistory buildings

देहरादून,30 अगस्त 2025 ( रजनीश प्रताप सिंह तेज ) : Mussoorie-Dehradun Development Authority मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण ने आज ऋषिकेश में अवैध निर्माण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है.

एमडीडीए ने ऐसी 10 अलग-अलग बहुमंजिला इमारतों को सील कर दिया है.

जिससे निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है.

Ten multistorey illegal buildings sealed by MDDA in Rishikesh 

प्राप्त जानकारी के अनुसार सीलिंग की कार्रवाई संयुक्त सचिव के नेतृत्व में गठित MDDA की टीम ने की है.

कहा गयी कि जो भी मानचित्र स्वीकृति के बिना अवैध निर्माण करेगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.

उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 (उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973) के नियमों का पालन आवश्यक है.

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है.

जो लोग बिना अनुमति निर्माण कर रहे हैं, उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.

Ten multistorey illegal buildings sealed by MDDA in Rishikesh 

ऋषिकेश में ये हैं सील किये जाने के प्रमुख मामले

These are the major cases of sealing in Rishikesh

(1) निर्मल बाग, गली नंबर 11 : MDDA के अनुसार मनीष अग्रवाल द्वारा 30×70 फीट क्षेत्रफल पर प्रथम और द्वितीय तल का निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था.

प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था.

लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया.

( 2 ) गली नंबर 11 : इसी प्रकार रघुन शर्मा द्वारा 30×50 फीट क्षेत्र पर भू-तल और प्रथम तल का अवैध निर्माण बताया गया है.

आरोप है कि नोटिस के बावजूद नियम विरूद्व किया जा रहा था.

प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया.

(3) वीरभद्र रोड पर प्रदीप दुबे द्वारा अवैध निर्माण का मामला सामने आया है.

प्राधिकरण के अनुसार पहले अधूरी कार्रवाई हुई थी.

आज पुलिस बल की मदद के साथ नियम विरूद्व अवैध निर्माण को सील कर दिया गया है.

(4) इसी प्रकार निर्मल बाग, गली नंबर 10 में रवि द्वारा 30×40 फीट में तीन मंजिला अवैध निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था.

इन्हें भी प्राधिकरण ने पहले ही नोटिस जारी किया था.

लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला.

जिसके बाद अवैध निर्माण को सील कर दिया गया

(5) पांचवां मामला ऋषिकेश के निर्मल बाग, गली नंबर 11 का है.

यहां पर विपिन चौधरी द्वारा 30×100 फीट क्षेत्र पर स्कूल और कॉलोनी का निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था.

प्राधिकरण ने इन्हें भी पहले ही नोटिस जारी किया था.

लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया.

(6) हरिद्वार रोड, कोयल ग्रांट : स्वामी दयानंद महाराज द्वारा मानचित्र के विपरीत निर्माण नियम विरूद्व किया जा रहा था.

प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था.

लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया.

(7) रेड फोर्ट रोड स्कूल के पास : सुरेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा 25×60 फीट पर तृतीय तल का अवैध निर्माण.

नोटिस के बावजूद कोई मानचित्र नहीं.

नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था।

प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था.

लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया

(8) गली नंबर 4, होटल गंगा अशोक के पास: अनीता पुजारा द्वारा 26×50 फीट पर कॉलोनी निर्माण.

नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था.

प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया.

(9) निर्मल ब्लॉक बी, गली नंबर 11 : अनुज द्वारा 60×50 फीट क्षेत्र में कॉलम निर्माण

नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था.

प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया.

(10) निर्मल बाग, गली नंबर 11 : सागर द्वारा 20×50 फीट क्षेत्र पर नियम विरूद्व अवैध निर्माण किया जा रहा था.

प्राधिकरण ने पहले ही निमार्णकर्ता को नोटिस जारी किया था.

लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अवैध निर्माण को सील कर दिया गया.

Ten multistorey illegal buildings sealed by MDDA in Rishikesh 

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