देहरादून एयरपोर्ट के पूर्व मैनेजर पर ₹232 करोड़ के गबन का आरोप,सीबीआई ने दर्ज की FIR
Former airport manager accused of embezzling ₹232 crore, CBI files FIR

देहरादून,30 अगस्त 2025 ( रजनीश प्रताप सिंह तेज ) : देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर पूर्व में तैनात रहे एक मैनेजर पर 232 करोड रुपए के गबन का आरोप लगा है.
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो सीबीआई ने FIR दर्ज की है.
कैसे पकड़ आया मामला ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airport Authority of India) के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी देहरादून एयरपोर्ट पर तैनात थे.
आरोप है कि इस अधिकारी ने फर्जी प्रविष्टियों और हेरफेर के माध्यम से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के खातों से लगभग 232 करोड रुपए की धनराशि अपने व्यक्तिगत खातों में स्थानांतरित की है.
यह मामला तब सामने आया जब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया देहरादून हवाई अड्डे के वरिष्ठ प्रबंधक (वित्त) चंद्रकांत पी ने पिछले कुछ सालों (वर्ष 2019-20 से वर्ष 2022-23) की वित्तीय अभिलेख की जांच की.
जांच के दौरान उन्हें मालूम चला कि परिसंपत्तियों की पंजीकरण में कुछ असामान्य गतिविधियां हुई है
जिसके बाद उन्होंने वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच शुरू की.
किस तरह हुयी वित्तीय गड़बड़ियां ?
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के द्वारा एक समिति गठित की गई.
समिति ने पाया कि आरोपी राहुल विजय ने अपनी देहरादून एयरपोर्ट पर तैनाती के दौरान फरवरी 2019 से अगस्त 2022 के बीच मनगढ़ंत प्रविष्टियां करके यह धोखाधड़ी की है.
शिकायत के अनुसार राहुल विजय एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बैंक खाते को संचालित करने के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्त्ता थे.
उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के आधिकारिक खाते के लिए तीन फर्जी यूजर आईडी बनाई.
उन्होंने शुरुआत में छोटी राशि और फिर बड़ी राशि को अपने व्यक्तिगत खातों में गुप्त रूप से स्थानांतरित किया ताकि किसी को शक ना हो.
यह भी आरोप है राहुल विजय पर की उन्होंने आधिकारिक रिकॉर्ड में 189 करोड रुपए की फर्जी संपत्तियों का निर्माण दिखाए.
जिनका वास्तव में कोई अस्तित्व नहीं था.
आरोप है कि राहुल विजय ने ठेकेदारों को किए गए भुगतान में भी हेरा फेरी किया.
उन्होंने एक ही काम के लिए ठेकेदार को भुगतान करने के साथ-साथ अपने खाते में भी राशि जमा कर ली.
29 सितंबर 2021 को उन्होंने नई टर्मिनल बिल्डिंग के विद्युत कार्य के लिए 67.81 करोड़ की वास्तविक परिसंपत्ति बनाई.
अगले ही दिन उन्होंने मूल 13 परिसंपत्तियों मूल्य रुपए 13.58 करोड़ में एक शून्य जोड़कर और प्रविष्टियों की नकल करके रुपए 189 करोड़ की 17 अतिरिक्त फर्जी परिसंपत्तियों बनाई और पूरी राशि अपने खाते में स्थानांतरित कर ली.
इसके अलावा उन्होंने इस अवधि के दौरान रुपए 43 करोड़ की राशि को विभिन्न राजस्व व्यय मदों के तहत फर्जी प्रविष्टियों के माध्यम से चार्ज ऑफ किया.
सीबीआई ने दर्ज की FIR
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने राहुल विजय और कुछ अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.
मामले की जांच की जा रही है.
यह मामला भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है.