डोईवाला पालिका अध्यक्ष के खिलाफ 5 सभासदों का धरना शुरू,”तानाशाही” का आरोप
Five councilors begin protest against Doiwala municipal chairman, alleging "dictatorship."

देहरादून,8 जनवरी 2026 : डोईवाला नगर पालिका के पांच सभासदों ने पालिका अध्यक्ष की कार्यशैली से खिन्न आकर अपना धरना शुरू कर दिया है
जिसने पूरे माहौल को गर्मा दिया है
कौन-कौन सभासद बैठे धरने पर ?
वार्ड संख्या 06 सभासद,प्रियंका मनवाल
वार्ड संख्या 03 सभासद,डॉ कल्पना नेगी
वार्ड संख्या 04 सभासद,अरुण सोलंकी
वार्ड संख्या 08 सभासद,संदीप नेगी
क्या हैं मुख्य आरोप ?
(1) पालिका बोर्ड बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों को कार्यवृत्त में अस्वीकृत प्रस्तुत करना
(2) बोर्ड मीटिंग के सर्वसम्मति से अस्वीकृत प्रस्तावों को स्वीकृत दिखाना
(3)मीटिंग के बाद एक माह से भी अधिक समय तक सभासदों को मीटिंग का कार्यवृत्त प्रदान नही करना
(4) जनहित और विकास के मुद्दों पर प्राथमिकता से कार्य नही करना
(5) नगर पालिका के बजट को विकास कार्यों पर खर्च करने में विफल रहना
कौन-कौन से नारे लगाये ?
“तानाशाही नही चलेगी-नही चलेगी,नही चलेगी”,
“जनता के सम्मान में-हम सब हैं मैदान में”
क्या कहा सभासद अरुण सोलंकी ने ?
बोर्ड मीटिंग में जो प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिए गये उन्हें गलत तरीके से स्वीकृत दिखाया गया है
ऐसे में हम सभासदों का कोई औचित्य नही रह जाता है
क्या कहा वार्ड संख्या 06,सभासद प्रियंका मनवाल ने ?
हमें जनता ने विकास कार्यों के लिए चुन कर भेजा है
हमारा कोई “निजी स्वार्थ” नही है
“AC” टॉयलेट और हाई मास्ट लाइट की जगह स्ट्रीट लाइट,सड़क निर्माण जैसे मूलभूत कार्य होने चाहिए
क्या कहा सभासद वार्ड संख्या 08,संदीप नेगी ने ?
यह हमारी चार सभासद की लड़ाई नही है
बोर्ड के स्वीकृत और अस्वीकृत प्रस्तावों की प्रोसीडिंग में कोई छेड़खानी न की जाये
इस बारे में 13 सभासदों ने 04 दिसंबर 2025 कलमबंद ज्ञापन नगर पालिका अध्यक्ष को सौंपा था
21 दिसंबर 2025 को नगर पालिका अध्यक्ष को रिमाइंडर पत्र दिया गया
इसके बाद 14 सभासदों के द्वारा कलमबंद ज्ञापन जिलाधिकारी देहरादून को दिया गया था
श्री नेगी ने कहा कि यदि हमारा निजी स्वार्थ होता तो हम आपके साथ सांठ-गांठ करके आपके बगल में होते
हम लोगों की लड़ाई के लिए यहां न आते
हम आपके साथ हाथ से हाथ मिलकर बैठे होते
पालिका लेखाधिकारी के अनुसार 12 नवम्बर 2025 तक 26 करोड़ रुपये पालिका फंड में थे
बजट का एक तिहाई भी खर्च नही कर पा रहे हैं
यदि बोर्ड बैठक पालिका अध्यक्ष अपने विशेषाधिकार से साल-दो साल में एक बार करायेंगें तो ऐसे में निर्वाचित सभासदों के बोर्ड का कोई औचित्य नही रह जाता है
यह लोकतंकत्रिक मूल्यों के खिलाफ और बोर्ड की अवमानना है
हमारा टॉयलेट में एयर कंडीशनर लगाने हाई टेक बनाने का विरोध नही है लेकिन अन्य वार्डों के शौचालय की हालत भी देखी जाये
जिन टॉयलेट में नल की टोंटी तक टूटी पड़ी है पहले उन्हें लगाया जाये
हमारा डिमांड के अनुरूप हाई मास्ट लाइट खरीद पर विरोध नही है
लेकिन बड़े पैमाने पर हाई मास्ट लाइट का विरोध है
क्यूंकि जितने में 2 हाई मास्ट लाइट लाएंगी उतने में कईं स्ट्रीट लाइट आ जाएंगी
हम गीता की सौंगंध खाने को तैयार है कि हमने दो पन्नों के ज्ञापन के दूसरे पेज पर हस्ताक्षर करवाए और अगला पेज बदल दिया
क्या कहा सभासद कल्पना नेगी ने ?
उत्तर प्रदेश नगर निकाय के अनुसार हर महीने बोर्ड मीटिंग होनी चाहिए लेकिन नगर पालिका अध्यक्ष का कहना है कि वो अपनी मर्जी से बोर्ड मीटिंग बुलाएंगें







