
देहरादून,21 मार्च 2025 ( रजनीश प्रताप सिंह तेज ) : देहरादून नगर कोतवाली में अधिवक्ता अमित तोमर, निवासी कांवली रोड, देहरादून की सूचना पर मेजर संतोष भंडारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
अधिवक्ता अमित तोमर ने पुलिस को दी गई शिकायत में मेजर संतोष भंडारी पर विभिन्न समूहों के बीच नस्ल, जन्मस्थान और निवास के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देने और सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल कार्य करने का आरोप लगाया है.
शिकायत का विवरण:
अधिवक्ता अमित तोमर ने अपनी शिकायत में बताया कि 19 मार्च 2025 को उन्हें अपने एक मित्र से व्हाट्सएप पर एक वीडियो मिला.
यह वीडियो मेजर संतोष भंडारी ने अपने फेसबुक पेज (आईडी https://www.facebook.com/santosh.khatri:77.) पर पोस्ट किया था.
उन्होंने फेसबुक पेज पर जाकर देखा, तो लगभग 19 मिनट का एक वीडियो पाया,
जिसमें मेजर संतोष भंडारी पहाड़ियों और मैदानियों के बीच दुश्मनी फैलाते हुए दिखाई और सुनाई दे रही थीं.
अधिवक्ता तोमर ने आरोप लगाया कि मेजर संतोष भंडारी ने उत्तराखंड के नागरिकों के बीच नस्ल और जन्मस्थान के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा दिया.
और पहाड़ी लोगों को हथियार (खुखरी) उठाने और उत्तराखंड के प्रतिष्ठित वर्ग पर वार के लिए उकसाया.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेजर संतोष भंडारी ने उत्तराखंड की महिलाओं के लिए अपमानजनक शब्द इस्तेमाल किया.
उनके सिर मुंडवाने की धमकी दी.
इसके अलावा, उन्होंने पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को वर्ग विशेष द्वारा संचालित सभी व्यवसायों का बहिष्कार करने के लिए उकसाया.
और मैदानों के लोगों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी.
कानूनी प्रावधान:
अधिवक्ता तोमर ने अपनी शिकायत में कहा कि मेजर संतोष भंडारी के बयान राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) 1980 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 79, 152, 196, 351(2)(3), 352 और 353 के दायरे में आते हैं.
पुलिस कार्रवाई:
अधिवक्ता तोमर ने वीडियो की एक प्रति पेन ड्राइव में जांचकर्ताओं को देने की पेशकश की है.
उन्होंने पुलिस से मेजर संतोष भंडारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.
नगर कोतवाली देहरादून में इस मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.