उत्तराखंड के बड़े शहरों में ई-बीआरटी और “रोपवे नेटवर्क” से बदलेगी ट्रांसपोर्ट की तस्वीर
E-BRT and "ropeway networks" will transform transportation in Uttarakhand's major cities.
E-BRT and “ropeway networks” will transform transportation in Uttarakhand’s major cities.
देहरादून,22 जनवरी 2026 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार राज्य में ट्रांसपोर्ट सुविधा विकास को कार्य कर रही है.
सरकार आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण–अनुकूल शहरी परिवहन प्रणाली विकसित करने को गंभीर प्रयास कर रही है.
इसके लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है।
इसी क्रम में देहरादून सहित प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल, ई-बीआरटी एवं रोपवे जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
आज सचिवालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन Uttarakhand Metro Rail Corporation (यूकेएमआरसी) द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान यूकेएमआरसी के प्रबंध निदेशक द्वारा राज्य में शहरी परिवहन को सुदृढ़ करने से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Detailed Presentation) दिया गया।
देहरादून में ई-बीआरटी (E-BRT Project) परियोजना को मिली सैद्धांतिक सहमति
बैठक में प्रबंध निदेशक, यूकेएमआरसी ने अवगत कराया कि यूकेएमआरसी बोर्ड द्वारा देहरादून शहर में दो प्रमुख कॉरिडोरों पर Electric Bus Rapid Transit System (ई-बीआरटी ) परियोजना लागू करने के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गई है।
इसके लिए आवश्यक अध्ययन कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अध्ययन पूर्ण होने के पश्चात परियोजना प्रस्ताव को कैबिनेट अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि देहरादून शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए ई-बीआरटी जैसी पर्यावरण–अनुकूल मास रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (Mass Rapid Transit System) की अत्यंत आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल प्रदूषण को कम करेगी, बल्कि आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधा भी उपलब्ध कराएगी।
हरकी पौड़ी के लिए इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना को हरी झंडी
बैठक में हरिद्वार स्थित हरकी पौड़ी के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना पर भी चर्चा की गई।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि यूकेएमआरसी बोर्ड द्वारा इस परियोजना को अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है तथा प्रस्ताव शीघ्र ही सक्षम प्राधिकरण को प्रस्तुत किया जाएगा।
आवास सचिव ने निर्देश दिए कि प्रस्ताव को शीघ्र प्रस्तुत करते हुए आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए,
ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम आवागमन सुविधा मिल सके।
त्रिवेणी घाट–नीलकंठ रोपवे परियोजना में बड़ी प्रगति
त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना के संबंध में प्रबंध निदेशक ने जानकारी दी कि इस परियोजना को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है।
फॉरेस्ट क्लियरेंस स्टेज–1 की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
सचिव ने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक अनुमोदन समयबद्ध रूप से पूर्ण कर टेंडर प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा विकल्प उपलब्ध हो सके।
नैनीताल, कांची धाम और मसूरी में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाएं
बैठक में नैनीताल, कांची धाम और मसूरी में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई।
यूकेएमआरसी द्वारा इन स्थलों के लिए संभाव्यता अध्ययन कराया जा रहा है।
आवास सचिव ने इन प्रस्तावों की सराहना करते हुए कहा कि विशेष रूप से नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों पर रोपवे परियोजनाएं यातायात जाम को काफी हद तक कम करने में सहायक सिद्ध होंगी और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी उपयोगी रहेंगी।
देहरादून में सेकंड ऑर्डर मास ट्रांजिट पर भी मंथन
इसके अतिरिक्त बैठक में देहरादून शहर में सेकंड ऑर्डर मास ट्रांजिट सिस्टम की संभावनाओं पर भी सचिव को अवगत कराया गया।
इस पर सचिव ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक परिवहन योजना तैयार करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में यूकेएमआरसी द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक उपरोक्त निर्देशों के साथ संपन्न हुई।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में ब्रजेश कुमार मिश्रा, प्रबंध निदेशक, उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन; संजीव मेहता, निदेशक (वित्त); धीरेन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव, आवास विभाग; कृष्णानन्द शर्मा, कंपनी सचिव; अजय बाबू, संयुक्त महाप्रबंधक (संकेतन एवं दूरसंचार); सौरभ शेखर, संयुक्त महाप्रबंधक (विद्युत); सर्वेश कुमार, खंड अभियंता तथाअशोक डोभाल, सहायक खंड अभियंता उपस्थित रहे।







