उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहने संबंधी टिप्पणी पर मुख्यमंत्री ने जताई आपत्ति
Chief Minister expresses objection to remarks labeling people from Uttarakhand as 'infiltrators'

Haldwani,25 अक्टूबर 2026 : Chief Minister Pushkar Singh Dhami ने ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में उत्तराखंड के नागरिकों को ‘घुसपैठिया’ कहे जाने संबंधी टिप्पणी पर अत्यंत कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस प्रकार की अपमानजनक भाषा पर्वतीय समाज के स्वाभिमान और देवभूमि की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान पर सीधा प्रहार है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड की जनता के मान-सम्मान और प्रदेश के गौरव के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा।
देवभूमि की अस्मिता और संस्कृति की रक्षा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक प्रदेश नहीं है।
यह क्षेत्र करोड़ों देशवासियों की आस्था, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का पावन केंद्र है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि के मूल स्वरूप और उसकी पवित्रता को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक और कड़े कदम उठाए हैं।
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया गया है।
इसके साथ ही सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून को धरातल पर उतारा गया है।
राज्य के जनसांख्यिकीय संतुलन को बनाए रखने के लिए एक मजबूत भू-कानून लाने की प्रक्रिया जारी है।
सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करना सरकार का मुख्य संकल्प है।
युवाओं का भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया
धामी ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए पूरी तरह से समर्पित है।
नकल माफिया पर स्थायी लगाम लगाने के लिए राज्य में देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।
इस कानून के लागू होने से भर्ती परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हुई है।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के व्यापक हित में बड़े और कड़े निर्णय लेने से सरकार कभी पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश का हित सत्ता से और जनहित राजनीति से हमेशा ऊपर होता है।
उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों और आंदोलनकारियों के संघर्षों को सदैव याद रखा जाएगा।
आंदोलनकारियों के त्याग को देखते हुए प्रदेशवासियों पर ऐसी टिप्पणियां बेहद संवेदनशील और निंदनीय हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर जिम्मेदार संवाद की आवश्यकता
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल का विशेष रूप से उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में समर्पित महान व्यक्तित्वों के प्रति हमेशा सम्मान बना रहना चाहिए।
सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक बयान देते समय राष्ट्रीय हित और मर्यादा का ध्यान रखना अनिवार्य है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या राष्ट्रीय सुरक्षा को भी राजनीति का हिस्सा बनाना उचित है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सम्मान और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर राजनीति से ऊपर उठकर सोचना चाहिए।
अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय को प्राथमिकता
अंकिता भंडारी मामले पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित बेटी को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
यह मामला बेहद संवेदनशील है और समाज तथा व्यवस्था की गंभीर जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने जोर दिया कि इस प्रकरण में न्यायिक प्रक्रिया, तथ्यों और सबूतों को ही सर्वोपरि माना जाना चाहिए।
अदालत द्वारा दोषियों को दी जा रही सजा और कानूनी कार्यवाही का सभी को सम्मान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी संवेदनशील मामले पर राजनीतिक लाभ लेने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि किसी बेटी के दुख पर राजनीति करना और बिना प्रमाण आरोप लगाना कितना सही है?
अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध, रंगीन और विविधतापूर्ण है।
यहाँ के लोकगीत और लोकनृत्य पर्वतीय जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य और गौरवशाली इतिहास को दर्शाते हैं।
छोलिया, झोड़ा, चांचरी और न्योली जैसी लोक विधाएं प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोए हुए हैं।
ढोल, दमाऊ और भंकोरा जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र हमारी लोक संस्कृति को विशिष्ट पहचान देते हैं।
डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तराखंड का लोक संगीत देश-विदेश में अपनी पहचान बना रहा है।
यह बेहद प्रसन्नता का विषय है कि युवा पीढ़ी अपनी लोक संस्कृति में गहरी रुचि ले रही है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि राज्य सरकार का अंतिम लक्ष्य विकास को प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
सरकार का हर संभव प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक युवा को रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
राज्य की हर बहन-बेटी सशक्त बने और हर परिवार के जीवन में खुशहाली और समृद्धि आए।
उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से उत्तराखंड विकास और जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।








