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डोईवाला की गार्डन कॉलोनी में “नृसिंह अवतार कथा” सुन भाव-विभोर हुए भक्त

Devotees in Doiwala’s Garden Colony become deeply moved while listening to the "Narasimha Avatar" narrative.

देहरादून,23 अक्टूबर 2026 : डोईवाला चीनी मिल की गार्डन कॉलोनी स्थित शिव शक्ति मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तीसरे दिन भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।

वृंदावन से पधारे कथा व्यास राम उपाध्याय जी ने नृसिंह अवतार और ध्रुव-प्रहलाद चरित्र का बहुत ही सुंदर रसपान कराया।

इस दौरान भगवान के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने कथा का भरपूर आनंद लिया।

कथा का भव्य आयोजन

डोईवाला चीनी मिल की गार्डन कॉलोनी स्थित शिव शक्ति मंदिर में इन दिनों आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है।

मंदिर परिसर में तृतीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का आयोजन बहुत ही धूमधाम से चल रहा है।

कथा के तीसरे दिन मुख्य यजमान के रूप में यशपाल सिंह और भुनेश पाल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

यजमान दंपति ने कथा व्यास राम उपाध्याय जी के सानिध्य में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

पूजा के दौरान पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्र होने लगी थी।

नृसिंह अवतार और भक्त प्रहलाद का अनूठा प्रसंग

श्रीधाम वृंदावन से पधारे प्रख्यात कथा व्यास राम उपाध्याय जी ने कथा को आगे बढ़ाते हुए कई प्रमुख प्रसंग सुनाए।

उन्होंने विशेष तौर पर भक्त ध्रुव, भक्त प्रहलाद और भगवान के वामन अवतार की कथा का सुंदर वर्णन किया।

जैसे ही व्यासजी ने भगवान के नृसिंह अवतार की कथा का आरंभ किया, पूरा पंडाल तल्लीन हो गया।

कथा व्यास ने विस्तार से बताया कि कैसे भक्त प्रहलाद पर उनके पिता हिरण्यकश्यप ने अत्याचार किए।

अत्याचार की सभी सीमाएं पार होने पर भक्त की रक्षा के लिए साक्षात भगवान प्रकट हुए।

भगवान ने ऐसा अद्भुत रूप धारण किया जो न तो पूर्ण मनुष्य था और न ही कोई पशु।

वह समय न तो दिन का था और न ही रात का था, और स्थान न घर के अंदर था न बाहर।

भगवान नृसिंह ने खंभे को चीरकर प्रकट होकर यह साबित कर दिया कि भगवान हर जगह हैं।

यह प्रसंग सुनकर वहां उपस्थित सभी भक्तों की आंखें श्रद्धा और भावुकता से नम हो गईं।

अहंकार और अधर्म का अंत निश्चित

कथा के दौरान व्यास राम उपाध्याय जी ने श्रद्धालुओं को जीवन का एक बहुत बड़ा आध्यात्मिक संदेश दिया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में समझाया कि संसार में अहंकार और अधर्म कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए।

अधर्म और अहंकार का अंत होना हमेशा निश्चित होता है,

इसे कोई नहीं टाल सकता।

सच्ची भक्ति और सच्ची निष्ठा कभी भी खाली नहीं जाती है,

उसका फल ईश्वर अवश्य देते हैं।

कथा के इन मार्मिक प्रसंगों को सुनकर वहां बैठे सभी भक्तगण पूरी तरह भाव-विभोर हो गए।

मंदिर में मौजूद हर एक व्यक्ति भगवान नृसिंह की महिमा में लीन नजर आया।

भक्तों ने एक स्वर में भगवान के जयकारे लगाए जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

आरती, प्रसाद वितरण और प्रमुख उपस्थिति

कथा के अंतिम चरण में रोज की तरह भव्य आरती और सुंदर भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया।

भजन-कीर्तन के बाद सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

कार्यक्रम के आयोजकों और संचालकों ने क्षेत्र के सभी लोगों से कथा सुनने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सभी को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए।

इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति के पदाधिकारियों का विशेष सहयोग रहा।

गार्डन कॉलोनी के स्थानीय निवासी और महिला मंडल के सदस्यों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया।

इस अवसर पर मनोज कुमार पांडे, अवधेश कुमार, विजय शर्मा और दिनेश वर्मा अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

साथ ही रमेश कुमार, दीपक, सत्येंद्र त्यागी, अरुण बिष्ट और अश्वनी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

पंडित बोबी, कृष्ण मोहन विश्वकर्मा, नागू, सुमेन्द्र, कुलदीप कुमार और सागर भी सहयोग करते दिखे।

संजय श्रीवास्तव, आनंद महावर, कैलाश मित्तल, सुशील जायसवाल और सूरज कुमार ने भी कथा का लाभ लिया।

दुलार चंद, रोहित, अमरजीत, सविता शर्मा, मंजू त्यागी और इंदू पांडेय भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

नीता, नीतू, रेनु सिंह, दीपशिखा, बीना वर्मा, कमला देवी और बबीता विश्वकर्मा ने भी शिरकत की।

उषा श्रीवास्तव, पुष्पा उपाध्याय, अंजू बिष्ट, पुष्पा देवी, शीतल और पुष्पा गेरा भी मौजूद रहीं।

इनके अलावा सुमन सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय श्रद्धालु इस भव्य आयोजन के साक्षी बने।

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