pinko казино
DehradunUttarakhand

19 मार्च से चैत्र नवरात्र शुरू,पालकी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा : आचार्य “दैवज्ञ”

Chaitra Navratri Begins on March 19; Goddess Durga to Arrive Seated on a Palanquin: Acharya "Daivagya"

देहरादून ,15 मार्च 2026 : उत्तराखंड के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य और ‘ज्योतिष रत्न’ से सम्मानित डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल “दैवज्ञ” ने चैत्र नवरात्रि 2026 को लेकर महत्वपूर्ण गणना जारी की है।

इस वर्ष नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से होने जा रहा है,

जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष शुभ योग लेकर आ रहा है।

आचार्य दैवज्ञ के अनुसार, इस बार जगत जननी मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर पृथ्वी लोक पर पधारेंगी,

जिसे सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

कलश स्थापना के लिए मिलेंगे दो विशेष शुभ मुहूर्त

आचार्य दैवज्ञ ने बताया कि चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 को सुबह 06:52 बजे प्रारंभ होगी और अगले दिन 20 मार्च को सुबह 04:52 बजे समाप्त होगी

ऐसे में उदयातिथि के अनुसार नवरात्रि का प्रारंभ 19 मार्च को ही होगा। उन्होंने घटस्थापना (कलश स्थापना) के लिए दो प्रमुख समय बताए हैं:

प्रथम मुहूर्त (प्रातः काल): सुबह 06:52 बजे से 07:43 बजे तक।

द्वितीय मुहूर्त (अभिजीत): दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक।

पूरे नौ दिनों का होगा महापर्व, अष्टमी और नवमी की तिथियां तय

इस वर्ष चैत्र नवरात्रि पूरे नौ दिनों की होगी, जिसमें मां के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी।

आचार्य द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार तिथियां इस प्रकार हैं:

19 मार्च: मां शैलपुत्री पूजा एवं घटस्थापना।

20 से 25 मार्च: मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता और कात्यायनी की पूजा।

26 मार्च: मां महागौरी पूजा (अष्टमी तिथि, इस दिन कन्या पूजन किया जा सकता है)।

27 मार्च: मां सिद्धिदात्री पूजा (राम नवमी, इस दिन महापर्व का समापन और कन्या पूजन होगा)।

ज्योतिषीय महत्व: सुख-सौभाग्य लेकर आएगा यह पक्ष

आचार्य दैवज्ञ के अनुसार, नवरात्रि के दौरान कलश स्थापित करना और मां की आराधना करना जातक के जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य का संचार करता है।

“पालकी” पर मां का आगमन इस बात का संकेत है कि इस वर्ष भक्तों पर देवी की विशेष कृपा बरसेगी और आध्यात्मिक उन्नति के द्वार खुलेंगे।

Related Articles

Back to top button
пинап