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चांदमारी में धूमधाम से मनाया शहीद-ए-आजम भगत सिंह का 119वां जन्मोत्सव

Shaheed-e-Azam Bhagat Singh's 119th birth anniversary celebrated with great enthusiasm in Chandmari.

देहरादून,27 सितम्बर 2026 : श्री गुरु नानक देव वेलफेयर सोसाइटी चांदमारी के तत्वावधान में शहीद भगत सिंह चौक पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान उपस्थित लोगों ने शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों तथा विभिन्न जन-संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

देशभक्ति और क्रांति की मिसाल बने भगत सिंह

संस्था के अध्यक्ष बलवीर सिंह ने खराब मौसम और वर्षा के बावजूद पहुंचे सभी लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 27 सितंबर 1907 का दिन पूरे भारतवर्ष के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है।

पंजाब के लायलपुर में जन्मे भगत सिंह ने देश को आजादी दिलाने के लिए अपने प्राणों की हंसते-हंसते आहुति दे दी।

उन्होंने उस महान मां की वंदना की जिन्होंने ऐसे निडर देशभक्त को जन्म देकर भारत माता का मस्तक ऊंचा किया।

भगत सिंह का बलिदान पूरी दुनिया में स्वाभिमान और क्रांति की ऐसी अमर मिसाल बना जिससे वे शहीद-ए-आजम कहलाए।

शहीदों के अधूरे सपनों को पूरा करने की आवश्यकता

अखिल भारतीय किसान सभा के मंडल उपाध्यक्ष जाहिद अंजुम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान अतुलनीय है।

उन्होंने अफसोस जताया कि आजादी के बाद देश की सरकारें क्रांतिकारियों की परिकल्पना वाले भारत का निर्माण करने में नाकाम रहीं।

शहीदों ने ऐसे समाज की कल्पना की थी जहां प्राकृतिक संसाधनों पर जनता का अधिकार हो और कोई भूखा न सोए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में आम जनमानस को उनके मूलभूत अधिकारों और संसाधनों से वंचित रखा जा रहा है।

भगत सिंह भले ही हमारे बीच न हों लेकिन उनके विचारों को अपने जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

जन-प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने व्यक्त किए विचार

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने शहीद भगत सिंह के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार रखे।

नगर पालिका सभासद प्रतिनिधि अवतार सिंह और डोईवाला कृषक फेडरेशन अध्यक्ष उमेद बोरा ने शहीदों के मार्गों पर चलने का आह्वान किया।

किसान सभा डोईवाला मंडल सचिव याकूब अली तथा सोसाइटी के सचिव अरविंदर सिंह ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए।

कोषाध्यक्ष जसवीर सिंह, मलकीत सिंह, समाजसेवी जरनैल सिंह, परमजीत सिंह और जितेंद्र कुमार ने भी पुष्पांजलि अर्पित की।

वक्ताओं ने सुबह से ही मूसलाधार बारिश के बावजूद आयोजन स्थल पर बेहतर सफाई व्यवस्था संभालने वाले सफाई कर्मियों की विशेष सराहना की।

भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता और युवाओं को संदेश

उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज के दौर में युवाओं को भगत सिंह के अध्ययन और सोच को अपनाने की सख्त जरूरत है।

भगत सिंह केवल एक व्यक्ति नहीं थे बल्कि वे अन्याय और शोषण के खिलाफ उठने वाली एक सशक्त वैचारिक लहर थे।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित नागरिकों ने देश की एकता, अखंडता और सामाजिक न्याय के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।

सोसाइटी के पदाधिकारियों ने भविष्य में भी ऐसे महान देशभक्तों की स्मृति में सामाजिक और प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।

श्रद्धांजलि सभा का समापन शहीद-ए-आजम के अमर नारों और राष्ट्रभक्ति के जयघोष के साथ अत्यंत गरिमामय माहौल में हुआ।

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