डॉ विजय धस्माना ने किया शांतिकुंज के “जन्म शताब्दी नगर” के विभन्न विभागों का विधिवत शुभारंभ
Dr. Vijay Dhasmana formally inaugurated the various departments of Shantikunj's "Birth Centenary City".
हरिद्वार,14जनवरी 2026 : हरिद्वार के शांतिकुंज स्थित अखिल विश्व गायत्री परिवार के जन्म शताब्दी नगर के विभन्न विभागों का विधिवत शुभारंभ SRHU के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने किया
डॉ धस्माना ने इसे लोक कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया
हरिद्वार स्थित शांतिकुंज (Shantikunj) में अखिल विश्व गायत्री परिवार का शताब्दी वर्ष समारोह मनाया जा रहा है
इस उपलक्ष्य में बैरागी दीप में जन्म शताब्दी नगर बनाया गया है
आज इस नगर के रजिस्ट्रेशन विभाग, विद्युत् विभाग, जोनल कार्यालय, मीडिया सेंटर, संगीत विभाग, सांस्कृतिक विभाग एवं महिला सुरक्षा विभाग का विधिवत शुभारंभ किया गया।
यह आयोजन परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के अखंड दीप शताब्दी वर्ष तथा गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की तप-साधना के 100 वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
समारोह का औपचारिक शुभारंभ स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय,जौलीग्रांट (Swami Rama Himalayan University,Jollygrant) के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
डॉ धस्माना ने अखिल विश्व गायत्री परिवार के युग-निर्माण कार्यों की सराहना की
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन समाज, राष्ट्र एवं विश्व कल्याण के लिए प्रेरणास्रोत है।
श्री धस्माना ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना और सेवा भाव के समन्वय से ही स्वस्थ, सशक्त एवं संस्कारित समाज का निर्माण संभव है।
इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने संबोधित किया
कहा कि जन्म शताब्दी कार्यक्रम की सुचारु व्यवस्था में इन सभी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डॉ विजय धस्माना द्वारा विभिन्न प्रदर्शनी एवं सेवा स्टॉलों का निरीक्षण भी किया गया।
इस अवसर पर हिमालयन अस्पताल, जौलीग्रांट की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं एवं आमजन को स्वास्थ्य परामर्श एवं जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
देश-विदेश से आए हजारों साधक, कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु इस शताब्दी समारोह में सहभागिता कर रहे हैं।
सामूहिक साधना, यज्ञ, विचार–प्रेरक सत्र, सांस्कृतिक झांकियां एवं पुस्तक प्रदर्शनी इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण हैं।
यह शताब्दी समारोह निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों को आध्यात्मिक मूल्यों, राष्ट्रचेतना एवं सेवा भाव की दिशा में प्रेरित करेगा।







